angara(ranchi) अनगड़ा प्रखंड में नियम कानून को ताक पर रखकर मेगा क्रशरों के संचालन की अनुमति दिये जाने से प्रखंड का भौगोलिक स्वरूप बिगड़ गया है। वन व हरियाली की जगह बड़े-बड़े माइंस खदान दिख रहा है। अनगड़ा के जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र शाही मुंडा ने सचिव झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीसीसीएस, सचिव खनन एवं भूतत्व विभाग, खान निदेशक, डीसी रांची, सचिव परिवहन को पत्र लिखकर नियम विरूद्ध चलाये जा रहे ऐसे क्रशरों को चिन्हित कर कारवाई करने की मांग की है। राजेन्द्र शाही मुंडा ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से क्रशरों का संचालन हो रहा है। क्रशर से निकलनेवाली जहरीली धूल को रोकने का कोई प्रबंधन नही किया गया। मशीनों के आसपास एमएस शीट नही लगाया गया। वाटर स्प्रींकर नही किया जाता है। जिससे धूल उड़कर आसपास के खेतों को बंजर बना रहा है। जहरीली धूल के कारण आसपास के लोग स्वांस की बीमारी सिलकोसिस से ग्रस्त हो रहे है। ऐसे क्रशरों के आसपास के ग्रामीण ही दमा, टीबी, खांसी, आदि बीमारी से ग्रसित हो रहे है। पत्थर लोड हाइवा के चलने से ग्रामीण सड़के खराब हो रही है। इसके अलावा अवैध पत्थर उत्खनन तेजी से किया जा रहा है। अधिकांश क्रशर वनभूमि से सटा हुआ है।
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