परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया हत्या का आरोप
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| निदेशक के आवास का रविवार की रात को घेराव करते सफाईकर्मी। |
परिजनों का आरोप- संस्थान में हुई अनहोनी
मृतक के परिजनों ने मौत को लेकर संदेह जताया है। घटना की जानकारी मिलते ही संस्थान परिसर में काम कर रहे अन्य सफाईकर्मी एकजुट हो गए और काम ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने दी दबिश
आदिवासी युवक की मौत की खबर फैलते ही कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेता मौके पर पहुंचे।
* भाजपा नेता कमलेश राम, जनजाति सुरक्षा मंच के अध्यक्ष संदीप उरांव और मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमा उरांव ने परिजनों के साथ निदेशक आवास पर धरना दिया।
* केंद्रीय सरना समिति की नेत्री निशा उरांव और अध्यक्ष फूलचंद तिर्की भी कांके थाने पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
असुरक्षित आउटसोर्सिंग कर्मी?
संस्थान में पहले भी आउटसोर्सिंग कर्मियों की सुरक्षा और उनके कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सफाईकर्मियों का आरोप है कि रिस्क वाले काम में भी उन्हें सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए जाते और किसी अनहोनी की स्थिति में एजेंसी पल्ला झाड़ लेती है।
पुलिस का आश्वासन, FIR की प्रक्रिया शुरू
हंगामे को देखते हुए डीएसपी अमर कुमार पांडेय और थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया। पुलिस के आला अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी। आश्वासन के बाद परिजनों ने लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है।

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