GA4-314340326 गिरिडीह नगर निगम चुनाव: नामांकन के 5वें दिन दिग्गजों ने भरी हुंकार, भाजपा समर्थित डॉ. शैलेंद्र का शक्ति प्रदर्शन

गिरिडीह नगर निगम चुनाव: नामांकन के 5वें दिन दिग्गजों ने भरी हुंकार, भाजपा समर्थित डॉ. शैलेंद्र का शक्ति प्रदर्शन

 

नामांकन दाखिल करने जाते भाजपा समर्थित उम्मीदवार डॉ. शैलेंद्र चौधरी समर्थकों के साथ।
अमित सहाय / गिरिडीह: नगर निगम चुनाव के पांचवें दिन मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सियासी गहमागहमी बनी रही। भाजपा समर्थित प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र चौधरी समेत चार दिग्गजों ने अपने नामांकन पर्चे दाखिल किए। समर्थकों के हुजूम और गाजे-बाजे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे डॉ. चौधरी ने रोड शो के जरिए अपनी ताकत दिखाई। निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ के समक्ष अब तक मेयर पद के लिए कुल 7 प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।

प्रमुख अपडेट्स: एक नजर में

 * नामांकन दाखिल करने वाले: डॉ. शैलेंद्र चौधरी (भाजपा समर्थित), फूल देवी (JLKM समर्थित), बनारसी लाल दास और अनिल कुमार दास।

 * शक्ति प्रदर्शन: डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने शहर में रोड शो कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा।

 * पार्टी की एकजुटता: टिकट को ले उठ रहे सवालों पर डॉ. चौधरी ने कहा-भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं, हम सब एक हैं।

नाराजगी की खबरों के बीच डॉ. शैलेंद्र का दावा

नामांकन के बाद मीडिया से मुखातिब डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने पार्टी में 'दो फाड़' की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व का पूर्ण समर्थन उनके साथ है और इससे उनका उत्साह दोगुना हो गया है। उनके नामांकन के दौरान भाजपा के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने संगठन की एकजुटता दिखाने की कोशिश की।

मौके पर मौजूद रहे ये दिग्गज

नामांकन के दौरान महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत राय, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महादेव वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष महादेव दुबे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चुन्नूकांत, सुरेश साव और भाजपा नेत्री उषा कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

नामांकन दाखिल करते शैलेंद्र चौधरी व फूल देवी।

JLKM और निर्दलीयों ने भी ठोंकी ताल

जयराम महतो की पार्टी (JLKM) समर्थित प्रत्याशी फूल देवी ने भी मंगलवार को अपना पर्चा भरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दे दिए हैं। वहीं, बनारसी लाल दास और अनिल कुमार दास ने भी विकास के वादों के साथ चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी प्रत्याशियों ने एक सुर में कहा कि गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

अब आगे क्या?

नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही अब चुनावी बिसात बिछ चुकी है। जहां भाजपा अपने कैडर वोटों को एकजुट रखने की चुनौती से जूझ रही है, वहीं JLKM जैसे नए समीकरणों ने स्थापित नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता 'चेहरे' पर वोट देती है या 'पार्टी' के सिंबल पर।



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