फोटो : झामुमो केंद्रीय महासचिव बिनोद पांडेय के माध्यम से केंद्रीय अध्यक्ष को मांग पत्र सौंपते सीआईपी के हटाए गये निजी सुरक्षाकर्मी।
कांके,(रांची): केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) कांके से अचानक हटाए गये 156 निजी सुरक्षाकर्मियों को उनकी लड़ाई में अब बहुत बड़ी मदद मिलने की उम्मीद जग गई है। शनिवार को कांके प्रखंड अध्यक्ष झामुमो नवीन तिर्की और रांची जिला संयोजक सोनू मुंडा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मियों ने केंद्रीय महासचिव बिनोद पांडेय से मुलाकात कर अपनी आपबीती बताई। बताया कि 15-20 साल से अधिक समय से संस्थान में कार्य करने वाले हम स्थानीय आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और मूलवासियों को अचानक एक सप्ताह पूर्व एजेंसी का कार्य समाप्त होने की सूचना देकर शुक्रवार की देर रात से ड्यूटी से हटा दिया गया है। हमारे बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य हमारी कमाई पर ही निर्भर हैं । हम सभी राज्य के आदिवासी बहुल अलग अलग जिलों से आते हैं। अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए गांवों से आकर यहां संघर्ष कर रहे हैं। बताया कि भारी बरसात में बिजली कड़कने और गरजने के बीच, संस्थान में उगी ऊंची झाड़ियों तथा बिना बिजली वाले अंधेरे स्थानों पर, जहरीले सांप की परवाह किये बिना तथा कांके की न्यूनतम तापमान वाली ठंड में भी हमने मुस्तैदी से ड्यूटी का निर्वाह कर मानसिक मरीजों की सेवा की है। इन सभी कार्यों को नजरअंदाज करते हुए प्रतिशोध स्वरूप षड्यंत्र कर संस्थान के निदेशक डॉ वीके चौधरी और कुछ अन्य अधिकारियों ने हमारे बारे में गलत फीडबैक भेज कर हमारा भविष्य खराब किया है। बताया कि पूर्व के प्रभारी निदेशक डॉ तरुण कुमार के समय हम गार्ड्स से उनकी शह पर 60 से 80 हजार की मांग की गई थी। इसका विरोध कर थाने में शिकायत भी की थी। उनसे कहासुनी हुई थी। डॉ तरुण और डॉक्टर वीके चौधरी गहरे मित्र हैं। उनके कथित अपमान से व्यथित होकर बदले की भावना के साथ वे हम सभी का जीवन बर्बाद करने पर तुले हैं। कहा कि राज्य सरकार के वरीय अधिकारियों को बरगला कर इन्होंने होमगार्ड्स तथा सैप के जवान को ड्यूटी पर लगा कर हमें भुखमरी की कगार पर खड़ा कर दिया है। जबकि हमारे सीएम हम झारखंडियों के लिए दिन रात अच्छी योजनाएं लाकर आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। गार्ड्स ने विनोद पांडेय के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र देकर सीआईपी से होमगार्ड्स की सेवा अविलंब वापस लेने का अनुरोध और आग्रह किया है। इधर बिनोद पांडेय ने गार्ड्स को भरोसा दिया कि वे इस बात से सीएम हेमंत सोरेन को अवगत कराएंगे तथा गरीब गार्ड्स के साथ हो रही नाइंसाफी नहीं होने देंगे। कांके प्रखंड झामुमो अध्यक्ष नवीन तिर्की और रांची जिला संयोजक सदस्य सोनू मुंडा को गार्ड्स का पूर्ण सहयोग करने का निर्देश भी दिया। गार्ड्स की लड़ाई अब हमारी लड़ाई: इधर कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा,रांची जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा और प्रखंड अध्यक्ष संजर खान ने कहा कि स्थानीय, आदिवासी,दलित और अल्पसंख्यक गरीब गार्ड्स और उनके परिवारों को पार्टी अपना पूर्ण समर्थन देगी। गार्ड्स की लड़ाई अब उनकी लड़ाई है। इसमें गार्ड्स को न्याय दिलाए बिना किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा। विधायक सुरेश कुमार बैठा और संजर खान ने कहा कि सीआईपी प्रशासन की मिलीभगत से पहले भी गरीब गार्ड्स का आर्थिक दोहन किया गया था। कांग्रेस और झामुमो ने ही मिलकर लड़ाई लड़ी थी,तब जाकर गार्ड्स की सैलरी बढ़ी तथा टेंडर प्रक्रिया आरंभ हो सका। कहा कि सीआईपी प्रशासन, स्वास्थ्य महानिदेशालय तथा मंत्रालय को गरीब गार्ड्स को एरियर राशि तथा उनके कार्य अवधि के दौरान दिये गये कम पैसे का पाई- पाई वापस करना होगा। इसके पहले उनको किसी भी हालत में हटाने नहीं दिया जाएगा। बताते चलें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रो आदित्य प्रसाद साहू और सांसद दीपक प्रकाश ने गार्ड्स के हितों के लिए के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से पत्राचार से लेकर कॉल तक किया है। लेकिन मंत्रालय में बैठे कुछ अफसर उनकी बातों को भी दरकिनार कर रहे हैं। इधर सीआईपी प्रशासन को पहले दिन कम होमगार्ड्स के पहुंचने से काफी परेशानी हुई। पोस्ट पर लगाए जाने के बाद भी उनके साथ सरकारी कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों को स्वयं व्यवस्था संभालने के लिए डटे रहना पड़ा जिससे उनको काफी परेशानी उठानी पड़ी। मरीजों और उनके परिजनों को भी अव्यवस्था से गुजरना पड़ा।
सीआईपी के निजी सुरक्षाकर्मियों को मिला झामुमो और कांग्रेस का समर्थन, भाजपा के वरीय नेता पहले से समर्थन में
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