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| मुख्यमंत्री के साथ टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, प्रशांत कुमार व अविनाश कुमार। |
टाटा स्टील का निवेश और ग्रीन टेक्नोलॉजी
टाटा स्टील द्वारा किया जाने वाला यह निवेश मुख्य रूप से पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर आधारित होगा। इसमें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। निवेश का विवरण इस प्रकार है:
* 7,000 करोड़ रुपये: हिरसाना ईजी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी।
* 2,600 करोड़ रुपये: टिनप्लेट विस्तार परियोजना।
* 1,500 करोड़ रुपये: कॉम्बी मिल परियोजना।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि यह साझेदारी झारखण्ड को हरित औद्योगिक परिवर्तन (Green Industrial Transformation) का अग्रणी राज्य बनाएगी और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
स्वीडन ने अर्बन ट्रांसपोर्ट में निवेश का दिया प्रस्ताव
बैठक के दौरान झारखण्ड के विजन 2050 और समावेशी विकास की नीतियों को देखते हुए WEF ने मुख्यमंत्री को 'वाइट बैच' से सम्मानित किया। पिछले वर्ष की आधिकारिक यात्रा के सकारात्मक परिणाम स्वरूप स्वीडन ने झारखण्ड में अर्बन ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई है। इस दिशा में सहयोग और निवेश के लिए अप्रैल में भारत और स्वीडन के बीच एक 'राउंड टेबल मीटिंग' आयोजित की जाएगी। हिताची ने विद्युत, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग और बुनियादी ढांचे में निवेश का प्रस्ताव दिया है।
* महिला नेतृत्व: वर्ल्ड विमन लीडर्स फ़ोरम के साथ मिलकर हाशिये पर रहने वाली महिलाओं और महिला राजनीतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए एक साझा मंच तैयार करने पर चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित शामिल प्रमुख हस्ती
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के साथ टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिज़नेस काउंसिल की सेसिलिया ओल्डने, वुमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिलवाना कोच-मेहरिन, WEF के विराज मेहता, हिताची इंडिया के भारत कौशल और टेक महिंद्रा के साहिल धवन उपस्थित थे।

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