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| ग्रामीणों को देखकर गुर्राता लकड़बग्घा। |
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी अचानक एक लकड़बग्घा गांव में दाखिल हो गया। ग्रामीण उसे भगाने की कोशिश कर ही रहे थे कि वह सीधा आदर्श उच्च विद्यालय की ओर भाग निकला। स्कूल के गेट खुलते ही बच्चे कक्षा की ओर बढ़ रहे थे, तभी सामने जंगली जानवर को देखकर वहां चीख-पुकार मच गई।
शिक्षकों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत मोर्चा संभाला। शिक्षकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित कमरों और ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दिया। देखते ही देखते पूरे स्कूल परिसर को खाली करा लिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। गनीमत रही कि लकड़बग्घे ने किसी छात्र को नुकसान नहीं पहुंचाया। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग, सिल्ली और स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी वनपाल जयप्रकाश साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के लिहाज से सिल्ली पुलिस भी स्कूल परिसर में तैनात है ताकि ग्रामीणों और बच्चों को जानवर से दूर रखा जा सके।
हमने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। सुरक्षा घेरा बना दिया गया है और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। ओरमांझी से विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई है, जो कुछ ही देर में पहुंचने वाली है।
- जयप्रकाश साहू, प्रभारी वनपाल
सुरक्षित कर लिया गया रेस्क्यू
लकड़बग्घा स्कूल परिसर के भीतर छिपा हुआ था। वन विभाग की टीम और पुलिस प्रशासन की सूचना पर ओरमांझी स्थित बिरसा जैविक उद्यान से आई ट्रेंकुलाइजर टीम (Tranquilizer team) ने लकड़बग्घे को सुरक्षित तरीके से बेहोश कर रेस्क्यू करके अपने साथ ले गई।

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