GA4-314340326 झालदा के अमर शहीदों को जयराम महतो ने दी श्रद्धांजलि, कहा- इतिहासकारों ने उपेक्षा की

झालदा के अमर शहीदों को जयराम महतो ने दी श्रद्धांजलि, कहा- इतिहासकारों ने उपेक्षा की

 

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोगों अभिवादन करते जयराम महतो।
सिल्ली (रांची): प्रतिवर्ष की भांति 14 जनवरी को पश्चिम बंगाल के झालदा स्थित गोकुलनगर में शहीद स्थल पर भव्य मेला एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 'झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा' (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम महतो ने 1931 के स्वतंत्रता संग्राम में वीरगति प्राप्त करने वाले पांच अमर शहीदों की आदमकद प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते प्राण न्योछावर करने वाले इन वीरों को इतिहासकारों ने वह स्थान नहीं दिया, जिसके वे सच्चे हकदार थे। इन अमर शहीदों की उपेक्षा इतिहास के पन्नों में साफ झलकती है।

श्रद्धांजलि सभा से पूर्व पदयात्रा निकाली गई 

श्रद्धांजलि सभा से पूर्व झालदा शहर में एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान JLKM के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी राजू महतो, नवोदिता महतो, चीकू महतो, गोपाल महतो, राजीव महतो, हिमांशु महतो, रूपेश महतो, अंगद महतो, सुमित कुमार, अभिषेक, अर्जुन महतो और सुभाष महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

जानिए, क्या है इतिहास 

14 जनवरी 1931 को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्रिटिश पुलिस ने निहत्थे क्रांतिकारियों पर गोलियां चलवा दी थीं। इस दमनकारी कार्रवाई में झालदा क्षेत्र के पांच वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इनमें सरामबो गांव के मोहन महतो, सहदेव महतो, नूतनडीह के गोकुल महतो, कोटशिला के गणेश महतो व चातम घुटू गांव शीतल महतो शामिल हैं। बताया जाता है कि 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन में शहीद मोहन महतो ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई थी। उस दौरान वे महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान राष्ट्रीय नायकों के संपर्क में भी आए थे।



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

और नया पुराने