GA4-314340326 सकारात्मकता को साथी बना कर तो देखो, जो चाहो पा लोगे : चौहान

सकारात्मकता को साथी बना कर तो देखो, जो चाहो पा लोगे : चौहान

 silli(ranchi)  शुक्रवार को सिल्ली कॉलेज, सिल्ली और आदर्श उवि छोटा मुरी में खुशी क्लास का आयोजन हुआ। सिल्ली कॉलेज में संचालन प्राचार्य अनंत प्रशाद महतो और विषय प्रवेश इतिहास के व्याख्यता विश्वेश्वर मुंडा ने किया। जबकि आदर्श उवि में संचालन प्राचार्या पुष्पा महतो व विषय प्रवेश अनिता नायक ने किया।  लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची और खुशी मिशन के तत्वावधान में आयोजित खुशी क्लास को सम्बोधित करते हुए संस्थापक सह संचालक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि परीक्षा में प्राप्त अंक को कभी भी तनाव में नहीं लें। अंक सिर्फ माध्यम मात्र है, आपकी व्यक्तित्व की पहचान नहीं। जैसे सड़क के किनारे मील के पत्थर यह बताते हैं कि आप किसी जगह से कितनी दूरी पर हैं। बस इसी तरह अंक बता देता है कि अभी आपको और आगे जानी है या आप कहां खड़े हैं। इसलिए अंक को तनाव के रूप में  कभी नहीं लें, कतई नहीं लें। सिर्फ कैरियर पर फोकस नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकाश पर ध्यान केंद्रित करें। यह खुशी के साथ ही संभव है। चौहान ने बताया कि सकारात्मकता के गर्भ से खुशी जन्मती है। खुश रहकर ही आप मंजिल को पा सकते हैं, जिंदगी जिंदादिली के साथ जी सकते हैं। इसका कोई विकल्प है ही नहीं। तनाव क्रोध के रूप में बाहर निकलकर हमारे व्यक्तित्व को तहस-नहस कर देती है। तनाव में कोई भी मंजिल पा ही नहीं सकते। इसलिए खुशी के साथ सकारात्मकता को हथियार बना मंजिल फतेह कीजिए। चौहान ने सकारात्मकता से सजी कहानी भी सुनाई- एक हथौड़ा छोटी सी चाबी से पूछा- आखिर तुम्हारे अन्दर ऐसी कौन सी शक्ति है जो तुम जिद्दी तालों को भी बड़ी आसानी से खोल देती हो, जबकि मैं इतना बलशाली होते हुए भी ऐसा नहीं कर पाता। चाबी बोली- तुम तालों को खोलने के लिए उसपर प्रहार करते हो। ऐसा करने से ताला खुलता नहीं टूट जाता है। जबकि मैं ताले को बिलकुल भी चोट नहीं पहुंचाती। उसके मन में उतर कर उसके हृदय को स्पर्श करती हूँ और फिर निवेदन करती हूँ, वह फ़ौरन खुल जाता है। लब्बोलुआब यह, यदि हम किसी को सचमुच जीतना चाहते हैं तो हमें उस व्यक्ति के हृदय में उतरना होगा। जोर-जबरदस्ती से कोई काम कराना संभव तो है पर इस तरह से हम ताले को खोलते नहीं बल्कि उसे तोड़ देते हैं। यानि उस व्यक्ति की उपयोगिता को नष्ट कर देते हैं।  जबकि प्रेम पूर्वक किसी का दिल जीतते ही हम उसकी उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देते हैं। कार्यक्रम के अंत में चौहान ने कॉलेज और स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया कि कभी भी कोई तनाव से सम्बंधित मामला आए, खुशी क्लास से जरूर संपर्क करें। निःशुल्क हर संभव मदद दी जाएगी। लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची के खुशी दूत संदीप शाह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान के बारे में भी बताया।

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