गिरिडीह : पेयजल योजनाओं में लापरवाही पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद सख्त, svs जांच के लिए कमेटी गठित

तीन जिलों के संवेदकों-अधिकारियों को 90 दिनों का अल्टीमेटम

Giridih: Minister Yogendra Prasad strict on negligence in drinking water schemes, committee formed for SVS investigation
बैठक में शामिल पदाधिकारी।
अमित सहाय | गिरिडीह: झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गुरुवार को गिरिडीह समाहरणालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के कार्यों में ढिलाई बरतने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। बैठक में गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जिले में चल रही पेयजल योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने दोटूक कहा कि पेयजल योजनाएं सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी हैं और इसमें किसी भी स्तर की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम जनता तक समय पर शुद्ध पानी पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

समीक्षा बैठक में लिए गए 4 प्रमुख निर्णय

SVS की होगी जांच, 15 दिनों में आएगी रिपोर्ट

   सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के तहत चल रही तमाम योजनाओं के धरातलीय सच को सामने लाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी मौके पर जाकर निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की प्रगति और खामियों की जांच कर आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

 90 दिनों में राइजिंग कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम

   रॉ वाटर राइजिंग और क्लीन वाटर राइजिंग के कार्यों में सुस्ती पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को हर हाल में 90 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश देते हुए संसाधन और मजदूरों की संख्या बढ़ाने को कहा है।

 बंद पड़ी योजनाओं पर संवेदकों को लीगल नोटिस

   विभाग के सचिव अबु इमरान ने निर्देश दिया कि जिन संवेदकों ने अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद कार्य बंद रखा है या योजनाओं को लटका कर रखा है, उन्हें तुरंत लीगल नोटिस जारी किया जाए और नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

 लापरवाह अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही

   अभियान निदेशक शशि रंजन ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में योजनाएं लंबी अवधि से लंबित हैं, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही, सभी अधिकारियों को अपनी-अपनी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री ने सभी अधिकारियों और संवेदकों को यह नसीहत भी दी कि कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता का पूरा ख्याल रखा जाए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य जरूरी संरचनाओं को जल्द से जल्द चालू कर आम जनजीवन को सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में पेयजल विभाग के सचिव अबु इमरान, अभियान निदेशक शशि रंजन, गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव, बोकारो डीडीसी शताब्दी मजूमदार, धनबाद नगर आयुक्त आशीष गंगवार, प्रमुख अभियंता, मंत्री के ओएसडी सहित तीनों जिलों के तमाम वरीय अधिकारी और संबंधित संवेदक उपस्थित रहे।





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