सिल्ली में छात्रा का शव पहुंचते ही फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: अपराधी को सामने लाने की मांग पर ढाई घंटे तक अड़े रहे लोग, विधायक और डीएसपी के समझाने पर माने, आज प्रेस कान्फ्रेंस में पुलिस आरोपी को करेगी पेश
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| एंबुलेंस को घेर कर खड़े ग्रामीण। आरोपी को सामनें लाने की कर रहे मांग। |
अनूप महतो / सिल्ली (रांची) : झारखंड के सिल्ली थाना क्षेत्र के मुरी ओपी के एक गांव हुई दिल दहला देने वाली घटना के बाद सोमवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। रविवार को 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए गैंगरेप और जघन्य हत्या की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही पुलिस शव लेकर गांव पहुंची। लोगों का गुस्सा फूटा और शव लेने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने डीएसपी मनीषचंद्र लाल समेत पूरी पुलिस टीम को घेर लिया। ग्रामीण इस बात पर अड़े हुए थे कि हत्यारा कोई भी हो, उसे तुरंत उनके सामने लाया जाए।
अपराधी को सामने लाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लगभग ढाई घंटे तक जमकर हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर स्थानीय विधायक अमित महतो और डीएसपी मनीषचंद्र लाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकन लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।
इसके बाद डीएसपी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी पकड़ा जा चुका है, लेकिन पुलिस का भी अपना कानूनी प्रोटोकॉल होता है। हम आरोपी को सीधे ग्रामीणों के बीच नहीं ला सकते। आप लोग हमें एक दिन का समय दीजिए, हम पूरी वारदात का एक-एक खुलासा कर देंगे। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस मामले में कोई भी निर्दोष न फंसे और कोई दोषी बचे नहीं। अंत में उन्होंने कहा कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे एसपी साहब प्रेस कान्फ्रेंस करके पूरी जानकारी देंगे।
विधायक अमित महतो ने जताई गहरी संवेदना, कड़ी सजा की मांग
हंगामे के दौरान स्थानीय विधायक अमित महतो ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए घटना को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। विधायक ने प्रशासन को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे क्षेत्र में न सिर्फ जघन्य अपराध, बल्कि मामूली अपराधों की भी कोई घटना न घटे और अपराधियों के मन में प्रशासन का हमेशा भय बना रहे। अपराध करने वाला चाहे कोई भी हो, प्रशासन उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम करे।
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय विधायक द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद अंततः ढाई घंटे के लंबे हंगामे के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद वे मान गए और मृतका के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।

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