गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस ने चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास मिले एक अज्ञात महिला के शव के मामले का सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी पति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी बगोदर-सरिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) धनंजय राम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
क्या है पूरा मामला?
बीते 20 सितंबर 2026 को चिचाकी रेलवे स्टेशन के पोल संख्या 335/31 के पास रेलवे पटरी पर एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। इस संबंध में शुरुआत में गोमो रेल थाने में यूडी (अप्राकृतिक मौत) कांड संख्या 15/26 दर्ज किया गया था।
बाद में जांच के दायरे का विस्तार करते हुए शून्य प्राथमिकी बगोदर थाना को भेजी गई, जिसके आधार पर 27 अक्टूबर 2026 को बगोदर थाना कांड संख्या 205/26 (धारा 103(1)/238 बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसआईटी गठन और मृतका की पहचान दो
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 12 सदस्यीय विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व बगोदर-सरिया के एसडीपीओ धनंजय राम ने किया।
तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस के आधार पर मृतका की शिनाख्त लक्ष्मी कुमारी (पिता: नागेश्वर शर्मा, ग्राम- कपीलो, थाना- सरिया, जिला- गिरिडीह) के रूप में हुई।
पढ़ाई के खर्च और पैसों के विवाद ने ली जान
पुलिस अनुसंधान में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी बिनोद मंडल (ग्राम- बंधखारो, थाना- सरिया) का मृतका लक्ष्मी कुमारी के साथ पिछले 6-7 वर्षों से संपर्क था। बिनोद उसकी पढ़ाई-लिखाई और अन्य खर्चों में आर्थिक मदद करता था।
नामांकन और पैसों की मांग : वर्ष 2026 में लक्ष्मी ने गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) में पीजी में नामांकन के लिए आवेदन किया था, जिसका खर्च बिनोद ने उठाया था। इसके बाद लक्ष्मी ने आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 4 सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की मांग बिनोद से की।
क्यों रची हत्या की साजिश: एक साथ इतनी बड़ी रकम न दे पाने और लगातार बढ़ रहे दबाव से परेशान होकर बिनोद ने लक्ष्मी को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन यानी 19 सितंबर 2026 को आरोपी बिनोद ने बातचीत और मिलने के बहाने लक्ष्मी को बुलाया। इसके बाद वह उसे अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से बंधखारो स्थित अपने एक सुनसान कमरे में ले गया, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से बिनोद ने अपनी पत्नी सवीता देवी के साथ मिलकर शव को एक सफेद प्लास्टिक की बोरे में भरा और उसे चिचाकी स्टेशन के पास रेल पटरी पर लाकर फेंक दिया, ताकि यह मामला किसी रेल हादसे या आत्महत्या जैसा प्रतीत हो।
पुलिस ने की कार्रवाई और बरामदगी
गिरिडीह पुलिस और एसआईटी की मुस्तैदी से दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में बिनोद मंडल (उम्र- 40 वर्ष, पिता- कमल मंडल, निवासी- बंधखारो, थाना- सरिया) और सवीता देवी (उम्र- 35 वर्ष, पति- बिनोद मंडल, निवासी- बंधखारो, थाना- सरिया) शामिल है। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (JH02BE-9754), एक सफेद रंग का प्लास्टिक का बोरा और मृतका/आरोपी से जुड़ा VIVO कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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