GA4-314340326 JPSC-JSSC विवाद : गिरिडीह में पुलिस व BJP कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, चार जगह फूंका CM का पुतला, जिलाध्यक्ष समेत कई हिरासत में

JPSC-JSSC विवाद : गिरिडीह में पुलिस व BJP कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, चार जगह फूंका CM का पुतला, जिलाध्यक्ष समेत कई हिरासत में

JPSC-JSSC Dispute: Scuffle between police and BJP workers in Giridih; CM's effigy burned at four locations; several people, including the district president, detained.
पुलिस की किलाबंदी को तोड़कर भाजपाइयों ने फूंका पुतला।
ब्यूरो चीफ / गिरिडीह : JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के छात्रों पर शुक्रवार शाम को झंडा मैदान में हुए कथित लाठीचार्ज व झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हमले किए जाने का मामला अब राज्यभर में राजनीतिक रूप ले चुका है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरी तरह आक्रामक हो गई। जिला प्रशासन की सख्त किलेबंदी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने शहर में चार अलग-अलग स्थानों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका।

शाम पांच बजे जैसे ही भाजपा ने झंडा मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन का एलान किया, जिला प्रशासन ने मैदान की किलाबंदी कर दी। सदर एसडीएम धीरेंद्र प्रसाद, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी अनिल सिंह, नगर थाना प्रभारी रतन सिंह दल-बल के साथ मैदान में डट गए। भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय पुतला लेकर आगे बढ़े तो पुलिस ने छीनने की कोशिश की। इसी छीना-झपटी और धक्का-मुक्की के बीच ABVP के कार्यकर्ताओं ने पुलिस घेरे को चकमा देकर पुतले में आग लगा दी। मैदान में हेमंत सोरेन हाय-हाय के नारों से अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद एक जगह पुलिस बुझाती, तो दूसरी जगह पुतला जल जाता। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और लुका-छिपी का खेल देर शाम तक चलता रहा। शुक्रवार तक मामला छात्र बनाम JMM था, जो शनिवार शाम को भाजपा बनाम हेमंत सरकार की सीधी लड़ाई में तब्दील हो गया। भाजपा ने साफ कर दिया है कि छात्र पिटाई के मुद्दे को वह विधानसभा से सड़क तक उठाएगी।

चार जगह फूंका गया पुतला

झंडा मैदान : ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक घेराबंदी के बीच चकमा देकर पहला पुतला जलाया।

जरासंध चौक : भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के सदस्यों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी व पुतला फूंका।

टावर चौक : भाजपा नगर इकाई के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया व पुतला जलाया।

मुफ्फसिल थाना के समक्ष : आजसू (AJSU) छात्र मोर्चा व BJP नेसंयुक्त प्रदर्शन रूप से प्रदर्शन किया व पुतला जलाया।

स्टेडियम बना अस्थायी जेल, दर्जनों नेता हिरासत में

प्रदर्शन को उग्र होता देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार राय समेत दर्जनभर से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को आंबेडकर चौक से हिरासत में ले लिया। देर रात तक सभी नेताओं को गिरिडीह स्टेडियम में रखा गया। हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में महादेव दुबे, सुनील पासवान, दीपक यादव, मनोज साहू, सुरेश मंडल, नवीन सिन्हा, सुभाष सिन्हा, महेंद्र वर्मा, राजकिशोर साव, मनीष वर्मा, मनोज पांडेय और प्रो. विनिता कुमारी शामिल हैं। भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि छात्रों के उत्पीड़न के इस मुद्दे को विधानसभा के सदन से लेकर सड़क तक पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

Marandi claims the conspiracy to attack the students was hatched on the 18th itself.
गिरिडीह परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते बाबूलाल मरांडी।

मरांडी का दावा- छात्रों पर हमले की साजिश 18 को ही रची गई थी

उधर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि गिरिडीह में छात्रों पर अचानक हमले नहीं हुए, बल्कि पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा थी। शनिवार को गिरिडीह स्थित नए परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में मरांडी ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट 18 अगस्त को ही लिख दी गई थी। इसका मुख्य केंद्र गिरिडीह ही था।

व्हाट्सएप मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट से खुली पोल

बाबूलाल मरांडी ने आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि 18 अगस्त को झामुमो (JMM) की जिला कमेटी के व्हाट्सएप ग्रुप में एक 'इमरजेंसी कॉल' का संदेश भेजा गया था, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को शाम चार बजे जिला कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया गया था। इसके अतिरिक्त, इमरान अजीज खान नाम के X (ट्विटर) हैंडल से भी आपात बैठक बुलाने की सूचना प्रसारित की गई थी।

सरकार पर आंदोलन कुचलने व लाठीचार्ज के गंभीर आरोप

नेपाल हाउस व रांची की स्थिति का जिक्र करते हुए मरांडी ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कंटीले तार और फेंसिंग लगाकर पूरी रांची को 'बांग्लादेश और पाकिस्तान' जैसी स्थिति में तब्दील कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से CBI जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय आंदोलन को दबाने का रास्ता चुना। आंदोलन को कमजोर करने के लिए कैबिनेट के जरिए 2014 से 2025 तक की 22 नियुक्तियों और JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि झामुमो समर्थित असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडों से लैस होकर शुक्रवार को झंडा मैदान में उपद्रव मचाया। रांची, हजारीबाग व रामगढ़ में भी छात्र-छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक हमला किया।

CBI जांच और केस दर्ज करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इमरान अजीज खान और छात्रों को पटक-पटक कर मारने की  धमकी देनेवाला रामगढ़ का एक झामुमो कार्यकर्ता के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवाओं पर हुए इस अत्याचार और पूरी साजिश की निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए, ताकि पर्दे के पीछे बैठे मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।

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