गिरिडीह (#novbhaskar): जिले के तिसरी प्रखंड की चंदौरी पंचायत में विकास योजनाओं के नाम पर जारी कमीशनखोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधि ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत समिति सदस्य गोपी रविदास ने उप विकास आयुक्त (DDC) को आवेदन देकर पंचायत में चल रही मनरेगा और 14वीं-15वीं वित्त आयोग की योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की है। डीडीसी को दिए आवेदन में गोपी ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कार्यरत कनीयअभियंता आलोक कुमार द्वारा योजनाओं के मस्टररोल को अपनी आईडी से आगे बढ़ाने के बदले लाभुकों और बिचौलियों से अवैध राशि की मांग की जाती है। राशि न देने पर मस्टररोल को आगे नहीं बढ़ाया जाता, बल्कि उसे शून्य दर्ज कर दिया जाता है। इसका सीधा असर गरीब मजदूरों के भुगतान और योजनाओं की प्रगति पर पड़ रहा है।
दीदी-बाड़ी व बागवानी योजना के मजदूरों को नुकसान
शिकायत के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में विशेष रूप से 'दीदी-बाड़ी' और 'बागवानी' योजनाओं में यह धांधली बड़े पैमाने पर देखी गई है। लाभुकों द्वारा अवैध राशि देने से मना करने पर उनके मस्टर रोल को जीरो दिखा दिया गया, जिससे काम करने के बावजूद मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 14वीं एवं 15वीं वित्त आयोग की योजनाओं का प्राकलन तैयार करने और मेजरमेंट बुक दर्ज करने से पहले ही अग्रिम राशि की मांग की जाती है। पंचायत समिति सदस्य ने खुद मौके पर उपस्थित रहकर लाभुकों से पैसे मांगने और काम रोकने का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा किया है।
सबूत के साथ डीडीसी से सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ पीएम आवास, दीदी-बाड़ी और बागवानी योजनाओं के संदेहास्पद मस्टर रोल के प्रिंटआउट्स प्रमाण के तौर पर संलग्न किए हैं। उन्होंने DDC से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बिना रिश्वत के योजनाओं को पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जाए।

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