angara(ranchi) अनगड़ा के घनी आबादी वाले क्षेत्र लुपुंग और अनगड़ा चौक में रविवार को दो जंगली हाथियों के अचानक आ धमकने से पूरे इलाके में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इतिहास में पहली बार हाथी अनगड़ा चौक तक पहुंचे है। शाम के समय दोनों हाथियों ने रांची-मुरी फोरलेन मार्ग को पार किया और अनगड़ा चौक स्थित मैदान में दाखिल हो गए। इसके बाद अनगड़ा थाना के पीछे से होते हुए हाथी ब्लाक परिसर होते हुए जानुम बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने ग्राम प्रधान महावीर मुंडा के खेतों में लगी मकई की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इससे पूर्व, सुबह तड़के दोनों हाथी बाहया होते हुए लुपुंग हड़वाटुंगरी पहुंचे थे और दिनभर वहीं झाड़ियों में डटे रहे। वन विभाग और ग्रामीणों द्वारा खदेड़ने के बावजूद हाथी टस से मस नहीं हुए। रविवार को गोंदलीपोखर में साप्ताहिक बाजार होने के कारण सड़क पर लोगों की भारी आवाजाही थी, जिससे दिनभर स्थानीय लोगों और राहगीरों के बीच दहशत बनी रही। वनपाल नीतिन गुप्ता के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इस टीम में छत्रपति गोराई, मुकेश भगत, असहर जया, दीपक राणा और शेखर सुमन सहित अन्य वनकर्मी शामिल है। टीम लगातार हाथियों की गतिविधि पर नजर रखे हुए है। वनपाल नितिन गुप्ता ने बताया कि ये हाथी दो दिन पहले बुंडू के रास्ते नामकुम के ब्यांगडीह पहुंचे थे। वहां से भगाए जाने पर वे होरहाप, चतरा, मानकीडीहा और बाहया होते हुए अनगड़ा चौक तक आ पहुंचे हैं। वन विभाग का प्रयास हाथियों को नारायण सोसो जंगल के रास्ते बीसा जंगल की ओर सुरक्षित खदेड़ने का है।
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