GA4-314340326 जेल से वापस आने पर झारखंड आंदोलनकारी अमित सिंह मुण्डा का जिंतूपीढ़ी में किया गया भव्य स्वागत

जेल से वापस आने पर झारखंड आंदोलनकारी अमित सिंह मुण्डा का जिंतूपीढ़ी में किया गया भव्य स्वागत

गडाम का स्वागत करते ग्रामीण
angara(ranchi)  झारखंडआंदोलनकारी व जींतूपीढ़ी के ग्रामप्रधान अमित सिंह मुंडा उर्फ गडाम के जेल से रिहा हो कर घर वापस आने पर गुरूवार को ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। गांव पहुंचने पर इन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया। इनके स्वागत में आसपास के कई गांव से युवा एवं बुजुर्ग ग्रामीण शामिल हुए। उन्होंने स्वागत में पहुंचे बुजुर्गों का पैर छुए कर आशीर्वाद लिया एवं युवाओं को अभिनंदन करते हुए आभार प्रकट किया। झारखंड आंदोलन के दौरान 1995 में रेल रोको आंदोलन में मुरी रेल थाना में हुए एक मामला में 9 अक्टूबर को मुरी रेल पुलिस ने गडाम को जेल भेज दिया था। गुरूवार को वे जमानत पर बाहर निकले। गडाम ने बताया कि झारखंड आंदोलन में मेरे जैसे लाखों लोगों के परिश्रम, त्याग व संघर्ष के कारण राज्य अलग हुआ। लेकिन दुख इस बात का है कि झारखंड आंदोलन में अपना जीवन खपा देने वाले आंदोलनकारियों को सरकार कोई मदद नही कर रही है। अब हम सभी को मिलजुलकर झारखंड को विकास के मामले में उंचाइयों पर ले जाना है। वहीं उन्होंने कहा कि बड़े बुजुर्गों एवं क्षेत्र के लोग के आशिर्वाद ही है जिससे उन्हें  जल्द ही जमानत मिली। क्षेत्र एवं समाज के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। स्वागत करने वालों में  पूर्व मुखिया डबलु महली, कुंदन महतो, सुभाष चन्द्र बेदिया, बुधराम महतो, सुभाष चन्द्र मंडल, बिस्वा उरांव, राजेन्द्र बेदिया, साहिराम दोहरा, किरता उरांव, सुबोध मुंडा, शिवनाथ अहिर, शिवशंकर बड़ाइक, पंकज कुमार महतो, सोनाराम सिंह मुंडा, जयनारायण सिंह मुंडा, प्रविण मुंडा, बगरु मुंडा समेत ग्रामीण शामिल थे।

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