Mandar (Ranchi): मांडर थाना क्षेत्र के सरगांव में अनोखी घटना सामने आई है। यहां का एक आदमी 25 साल पहले अचानक अपने घर से गायब हो गया। परिजनों ने अपने स्तर से उसकी हर जगह तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला।थक हार कर परिवारवालों ने सोचा कि वह कहीं मर गया होगा, क्योंकि जिंदा होता तो वापस आता या उसका कोई पता जरूर मिलता। जब कहीं से कोई सुराग नहीं मिला तो आपस में राय-विचार करके परिजनों ने उसका क्रिया-कर्म कर दिया। लेकिन, अब 25 साल बाद पता चला है कि लापता जीतू उरांव मरा नहीं बल्कि जीवित है और उत्तर प्रदेश के मेरठ सेंट्रल जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि वह किसी गंभीर अपराध के आरोप में पिछले पांच साल से जेल में है।
20 साल की उम्र में घर से गायब हुआ था
परिजनों के अनुसार, जीतू उरांव जब घर से गायब हुआ था, तब उसकी उम्र महज 20 साल थी। काफी दिनों तक इधर- उधर उसकी तलाश करने के बाद जब कुछ पता नहीं चला, तब उसे मृत मानकर उसका क्रिया-कर्म भी कर दिया गया।इधर, 25 साल बाद मेरठ जेल के जेलर के माध्यम से मांडर थाना प्रभारी बिनय कुमार यादव को जीतू उरांव के सरगांव निवासी होने की जानकारी मिली।
थाना प्रभारी ने फोटो दिखा परिजनों से कराई पहचान
बाद में थाना प्रभारी ने परिजनों को जीतू उरांव की तस्वीर दिखाकर उसकी पहचान कराई तब उन्हें पता चला कि जीतू उरांव मरा नहीं है और वह सही सलामत है। बताया गया कि 45 वर्षीय जीतू उरांव अपने परिवार के लोगों से मिलना चाहता है। घर में उसका भाई बिगला उरांव, भतीजा दशरथ उरांव, नितेश उरांव व दशरथ किस्पोट्टा हैं। अब वह जीतू उरांव से मिलने के लिए मेरठ जाने की तैयारी कर रहे हैं। 25 साल बाद जीतू से मिलने की खुशी परिजनों में देखी जा सकती है।
The person whose family members performed his Shraddha 25 years ago is still alive... Read the story of Jitu Oraon of Mandar.

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