ग्रामीण का मोबाइल हैक कर रिश्तेदारों को भेजा था मैसेज; बोलने के अंदाज से खुला राज, रांची साइबर सेल में शिकायत दर्ज
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| रामरतन महतो |
ऐसे जाल में फंसे रिश्तेदार, गांववालों ने चेताया
पीड़ित रामरतन महतो को उनका मोबाइल हैक होने की भनक तक नहीं थी। गांव के ही कुछ सजग लोगों ने जब उन्हें अजीब मैसेज आने की बात बताई, तब जाकर उन्हें मामले का पता चला। इसी बीच साइबर अपराधियों ने रामरतन के नंबर से उनके करीबियों को मैसेज और कॉल करना शुरू कर दिया था। ठगों ने मैसेज में लिखा- ‘मेरी गाड़ी को DTO (जिला परिवहन पदाधिकारी) ने पकड़ लिया है, जुर्माना भरने के लिए तुरंत 5,000 रुपये भेज दीजिए।’
साली और साले ने बिना देर किए भेज दिए पैसे
रामरतन की मुसीबत समझकर उनके तीन रिश्तेदारों ने बिना समय गंवाए पांच-पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी के शिकार होने वालों में ली कुमारी (साली), जीतू महतो (साला, निवासी खेदाडीह) व दिनेश महतो (निवासी झाबरी) शामिल हैं। तीनों ने जैसे ही DTO द्वारा गाड़ी पकड़े जाने की बात सुनी, तुरंत 5-5 हजार रुपये (कुल 15,000 रुपये) ठगों के बताए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
बोलचाल के अंदाज से बच गए अन्य लोग
गनीमत रही कि रामरतन के कुछ अन्य दोस्तों और ग्रामीणों ने साइबर अपराधियों के बात करने और मैसेज लिखने के अंदाज को भांप लिया। उन्हें रामरतन के रोजमर्रा के बोलचाल के तरीके और ठगों की भाषा में अंतर नजर आया, जिससे वे सतर्क हो गए और बड़ी ठगी टल गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। novbhaskar.com आपसे अपील करता है कि अगर, आपका कोई परिचित या रिश्तेदार अचानक फोन या मैसेज पर पैसों की मांग करे, तो तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें। पहले सीधे कॉल कर या अन्य माध्यमों से उनकी पहचान और जरूरत की पुष्टि जरूर कर लें।

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