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| मुरी में रेल पटरी को जाम किये आंदोलनकारी |
silli(ranchi) मुरी रेलवे स्टेशन में कुरर्मी/ कुड़मी विकास मोर्चा द्वारा बुधवार से होनेवालीअनिश्चितकालीन रेल टेका आंदोलन वार्ता के बाद समाप्त हो गया। शाम सात बजे वरीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद कुरमी विकास मोरचा के केन्द्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने इसकी घोषणा की। सुबह से शाम सात बजे तक पल-पल के आंदोलन की मूवमेंट की जानकारी उपलब्ध करा रहे है
ग्राउंड जीरो पर उपस्थित नवभास्कर के पत्रकार तारकेश्वर महतो। इससे आपको आंदोलन की गति, महिलाओं की भागीदारी, प्रशासन की भूमिका, रेल यातायात की अद्यतन स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। आंदोलन की पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़े।
महिलाओं ने संभाला मोरचा
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| आंदोलन में महिलाओं की संख्या रही अधिक |
आंदोलन स्थल के पास धारा 144 लागू होने व कुरमी विकास मोरचा के शीर्ष नेतृत्व पर प्रशासन की कड़ी नजर होने के कारण महिलाओं ने मोरचा संभाला। मुख्य मार्ग पर प्रशासन ने रामपुर, मुरी, बंता, सिल्ली समेत 13 स्थानो पर बेरिकेटिंग किया गया था। ताकि आंदोलनकारी निर्धारित स्थल तक नही पहुंचे सके। लेकिन महिलाएं खेत के मेढ़ से होते हुए रेल पटरी को जाम करने पहुंची। इस आंदोलन में प्रशासन की भूमिका मूकदर्शक की बनी रही।
जानिए प्रत्येक घंटा का मूवमेंट
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| रेल पटरी को जाम किये महिला |
सुबह 8 बजे..केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार अपने समर्थकों के साथ झारखंड मोड़ पर पहुचे। केंद्रीय अध्यक्ष ने लगभग
10 बजे प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात रखें परंतु प्रशासन ने इनकार कर दिया। तत्पश्चात झारखंड मोड़ के पास प्रशासन ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन महिलाओं की भारी संख्या ने लगे बैरियर को तोड़ते हुए भीड़ आगे की ओर निकल गई। यूनियन बैंक मुरी के पास प्रशासन की सख्ती पर आंदोलनकारी रूट चेंज कर लगाम होते हुए
लगभग 11 बजे मुरी आउटर रेलवे ओवर ब्रिज के पास ट्रैक पर बैठ गये थे। ट्रैक पर लगभग दो घंटा बैठने के बाद भीड़ अत्यधिक बढ़ने लगी इसके बाद भीड़ ट्रैक पर ही आगे बढ़ते बढ़ते
लगभग 1 बजे मुरी जंक्शन पहुंच गए। जिससे उस रूट से ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक जाम करने की वजह से रांची-मूरी और मूरी-टाटा रूट प्रभावित हो गया है। जिससे जन शताब्दी झालदा से बोकारो वापस हो गई।वही से रीशेड्यूल होगी, बैद्यनाथ धाम तुलीन में 11 बजे से खड़ी है। खड़गपुर रांची मेमो मुरी में 11 बजे से खड़ी है।
आंदोलन को आजसू ने दिया समर्थन, गोमिया विधायक लंबोदर महतो को लिया गया हिरासत में
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| पुलिस हिरासत में विधायक लंबोदर महतो |
दोपहर 2 बजे के बाद किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। शीतल ओहदार ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहते हैं। रेलवे को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंचायी जाएगी। इसकी जानकारी पहले से ही जिला प्रशासन और रेलवे को दे दी गई थी। इसके लिए मंगलवार की रात को प्रशासन के साथ बात भी हुई थी। तब प्रशासन की ओर से कहा गया था कि ज्यादा से ज्यादा एक दिन तक आंदोलन करने की अनुमति रहेगी। लेकिन 20 सितंबर की सुबह प्रशासन का रवैया बदल गया। इस आंदोलन को आजसू पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया। काफी संख्या में आजसू पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होने पहुंचे।
लगभग 4 बजे गोमिया विधायक लंबोदर महतो मुरी जंक्शन पहुंचने ही मुरी पुलिस एवं मजिस्ट्रेट के द्वारा गिरफ्तार कर सिल्ली थाने कैंप जेल में रखा गया है। आंदोलनकारी
शाम 6 तक मुरी जंक्शन में जमे हुए रहे। मुरी रेल अधिकारी तथा मजिस्ट्रेट राजेश मिश्र, सिल्ली बीडीओ पवन आशीष लकड़ा वह अन्य अधिकारियों के साथ कुरमी विकास मोरचा के शीर्ष नेतृत्वकर्ता केन्द्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार, केंद्रीय प्रधान महासचिव रामपदो महतो, हरेलाल महतो व अन्य की उपस्थिति में लिखित समझौता हुआ।
शाम 7 बजे आंदोलन के खत्म होने की घोषणा की गई।
रेल टेका आंदोलन को शाम 7 बजे समाप्त करने की घोषणा की गई। लिखित वार्ता में 25 सितंबर को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव से तथा 2 अक्टूबर को केंद्रीय सचिव से इस संबंध में वार्ता होगी। इस पर भी अगर बात नहीं बनी, फिर से पूरी तैयारी के साथ आंदोलन के रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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