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| मामला निष्पादित होने के बाद कोर्ट परिसर में समर्थकों के साथ राजू महतो (हरे रंग की टी-शर्म में)। |
सिल्ली (रांची): सिल्ली थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मामले (मौत व सड़क जाम, कांड संख्या 30/024) को न्यायालय ने निष्पादित कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद नामजद लोगों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि बीते आठ अप्रैल 2024 को सिल्ली थाना क्षेत्र के कोकालगाम निवासी 38 वर्षीय रंजीत सिंह मुंडा को पटकाटोला के पास एक वाहन (JH05CV 8989) ने अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल रंजीत सिंह मुंडा को बेहतर इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां 11 अप्रैल 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद प्रशासन ने वाहन के विरुद्ध तुरंत प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था। लोग मृतक के शव को बुंडू चौक के पास रखकर लगभग आठ घंटे तक सड़क जाम किए थे।
पुलिस ने दर्ज की थी प्राथमिकी
सड़क जाम और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को नामजद और सैकड़ों अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस एफआईआर में राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण संगठन के प्रदेश महासचिव सह जेएलकेएम के वरिष्ठ नेता राजू महतो का नाम भी था। मामला न्यायालय में लंबित रहने के कारण राजू महतो को अपने पेशेवर जीवन (नौकरी) में कई प्रकार की अड़चनों और परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं: राजू महतो
मामला निष्पादित होने के बाद राजू महतो ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस कानूनी अड़चन के बावजूद उनका संघर्ष थमा नहीं है। भविष्य में भी शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों के हक व अधिकारों की लड़ाई के लिए उनका यह संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

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