GA4-314340326 JSSC-CGL पेपर लीक: गिरिडीह से एक और सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार, 5 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन और प्रिंटिंग सिंडिकेट का बड़ा खुलासा

JSSC-CGL पेपर लीक: गिरिडीह से एक और सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार, 5 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन और प्रिंटिंग सिंडिकेट का बड़ा खुलासा

JSSC-CGL paper leak: Another successful candidate arrested from Giridih, major revelation of suspicious transactions and printing syndicate worth Rs 5 crore
गिरिडीह (#novbhaskar): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की बहुचर्चित परीक्षा में हुए पेपर लीक और धांधली के मामले में सीआईडी (CID-SIT) ने एक और बड़ा शिकंजा कसा है। एसआईटी ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए गिरिडीह जिले के बेंगाबाद से परीक्षा पास करने वाले एक सफल अभ्यर्थी समीर कुमार को दबोच लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि समीर न केवल खुद फर्जीवाड़े के जरिए परीक्षा में सफल हुआ था, बल्कि वह इस पूरे सिंडिकेट में बतौर बिचौलिया भी सक्रिय था और अन्य अभ्यर्थियों को गिरोह के संपर्क में लाता था।

 अभय तिवारी की निशानदेही पर हुई गिरफ्तारी

सूत्रों के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी अभय तिवारी से हुई कड़ाई से पूछताछ के दौरान समीर कुमार का नाम सामने आया था। अभय से मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने बेंगाबाद में छापेमारी कर समीर को धर दबोचा। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

 पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर छपे 19 लाख प्रश्न-पत्र

जांच के दौरान एक और चौकाने वाला तथ्य सामने आया है। JSSC ने परीक्षा संचालन की पूरी जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल सरकार की पीएसयू कंपनी 'वेबेल' (Webel) को सौंपी थी। नियमों के तहत कंपनी को पूरी गोपनीयता के साथ परीक्षा संपन्न करानी थी, लेकिन वेबेल ने नियमों को ताक पर रखकर प्रश्न-पत्रों और ओएमआर शीट की छपाई का काम हरियाणा के गुड़गांव स्थित निजी प्रिंटिंग प्रेस 'ICN' को पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया।

जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि लगभग 19 लाख प्रश्न-पत्रों की छपाई के एवज में वेबेल ने इस प्रिंटिंग प्रेस को प्रति प्रश्न-पत्र 25 से 30 रुपये की दर से करीब 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया। सीआईडी की एसआईटी को पुख्ता अंदेशा है कि पेपर लीक का मुख्य खेल इसी प्रिंटिंग प्रेस और आउटसोर्सिंग के जरिए शुरू हुआ था।

 वेबेल के दो अधिकारी 5 दिन की पुलिस रिमांड पर

मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए सीआईडी ने कोलकाता स्थित वेबेल के दफ्तर पर दबिश देकर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इस दौरान परीक्षा की गतिविधियों का संचालन करने वाले वेबेल के दो मुख्य अधिकारियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपियों को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

एसआईटी का मानना है कि इन दोनों अधिकारियों से पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक रैकेट के असली मास्टरमाइंड और इसमें संलिप्त बड़े सफेदपोशों के चेहरों से भी जल्द पर्दा उठ जाएगा।




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