GA4-314340326 एनजीटी बैन बेअसर: राजाडेरा के पास बालू लदा ट्रेलर खराब होने से खुली पोल, पुलिस अधिकारी की बताई जा रही ट्रेलर

एनजीटी बैन बेअसर: राजाडेरा के पास बालू लदा ट्रेलर खराब होने से खुली पोल, पुलिस अधिकारी की बताई जा रही ट्रेलर

angara(ranchi)  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक के बावजूद रांची-मुरी मार्ग पर बालू का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस काले धंधे की पोल बुधवार को तब खुल गई, जब अवैध बालू से लदा एक ट्रेलर (WB 57 E 9249) राजाडेरा स्कूल के पास अचानक ब्रेकडाउन हो गया। कार्रवाई से बचने के लिए ट्रेलर में लदी बालू को तिरपाल से ढका गया था, लेकिन उससे लगातार हो रहे पानी के रिसाव ने पूरी पोल खोल दी। वाहन में 1000 सीएफटी से अधिक बालू लदी है, जिसकी बाजार कीमत 60 हजार रुपये से अधिक है। सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रेलर एक पुलिस अधिकारी का है। करीब एक महीने पहले भी यही ट्रेलर जोन्हा के पास खराब हुआ था, जिसे रात में ही ठीक कराकर निकाल दिया गया था। अब राजाडेरा में भी इसे रात में ही मरम्मत कर गंतव्य तक भेजने की तैयारी है। 
 
पर्यावरण सुरक्षा के लिए लागू है बैन  

नदी तंत्र को सुरक्षित रखने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए एनजीटी के नियमों के तहत 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू के उत्खनन, उठाव और परिवहन पर पूरी तरह से रोक लागू है। इसके बावजूद तस्कर बेखौफ होकर अवैध खनन में जुटे हैं।  

रूट बदलकर खेल, ऑनलाइन 'मंथली' की वसूली  बदला हुआ तस्करी रूट

 एनजीटी लागू होने के बाद तस्करों ने रास्ता बदल दिया है। पोगड़ा, पाचू और झाबरी घाट से बालू उठाकर सिल्ली-बुढ़ागुज्जू-पोगड़ा-बंसिया-बसतपुर-तोड़ांग-जरवाडीह के रास्ते रांची-मुरी मुख्य मार्ग पर लाया जाता है और वहां से सीधे रिंग रोड विकास पहुंचाया जाता है। इस बदले हुए रूट पर रोज रात 40 से अधिक हाइवा/ट्रेलर, 50-60 टीपर और सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए बालू की बेधड़क तस्करी हो रही है। 

 ऑनलाइन 'मंथली' का फिक्स रेट: 

सूत्रों के अनुसार, बालू माफिया प्रति हाइवा/ट्रेलर 35 हजार रुपये और प्रति टीपर 21 हजार रुपये 'मंथली' वसूलते हैं। बाकायदा ऑनलाइन पेमेंट होने के बाद ही गाड़ियों को बालू उठाने की अनुमति मिलती है। इस पूरे खेल में तंत्र की संलिप्तता साफ दिख रही है।

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