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जानिए, कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे पहले देवरी थाना क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जो मूल रूप से बिशनपुर का ही रहने वाला है। उसकी निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूरत क्राइम ब्रांच व बेंगाबाद पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर बिशनपुर गांव से दो अन्य संदिग्धों को भी दबोच लिया। तीनों आरोपियों से बेंगाबाद थाने में देर शाम तक मैराथन पूछताछ की गई।
वेबसाइट के जरिए दिया गया ठगी को अंजाम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन साइबर अपराधियों ने एक फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाया और करीब 50 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संदिग्ध डिजिटल ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
जनप्रतिनिधि से ठगी की आशंका
चर्चा यह भी है कि इस साइबर ठगी का शिकार कोई रसूखदार या जनप्रतिनिधि हुआ है, जिससे एकमुश्त बड़ी रकम ठगी गई है। हालांकि, स्थानीय पुलिस या सूरत क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े सभी राज खुलकर सामने आएंगे। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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