GA4-314340326 खाद की कालाबाजारी-ओवरचार्जिंग पर बड़ी कार्रवाई, सिमडेगा में 4 दुकानों के लाइसेंस निलंबित

खाद की कालाबाजारी-ओवरचार्जिंग पर बड़ी कार्रवाई, सिमडेगा में 4 दुकानों के लाइसेंस निलंबित

ओडगा लैम्पस, सुदामा खाद भंडार, मनोज बिश्वाल और हरियाली बीज भंडार पर गिरी गाज 

Major crackdown on black marketing and overcharging of fertilizers; licenses of four shops suspended in Simdega.
एक दुकान के गोदाम का निरीक्षण करते अधिकारी।
सिमडेगा (#novbhaskar): जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने और असामान्य रूप से अधिक मात्रा में बिक्री करने के मामलों पर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नियमों की अनदेखी और अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें ओडगा लैम्पस लिमिटेड, सुदामा खाद भंडार (जलडेगा), मनोज बिश्वाल (लरबा, कोलेबिरा) व हरियाली बीज भंडार (कुरडेग) शामिल हैं।

स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर एक्शन

विभागीय सूत्रों के अनुसार, किसानों से मिली शिकायतों और विभागीय स्तर पर की गई जांच में यह बात सामने आई कि ये प्रतिष्ठान निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेच रहे थे। इसके अलावा, कुछ मामलों में नियमों के विपरीत एक ही व्यक्ति को असामान्य रूप से अधिक मात्रा में खाद दी गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित लाइसेंस धारकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्राप्त जवाब और उपलब्ध अभिलेखों के समीक्षा के बाद आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

POS मशीन में एंट्री अनिवार्य

जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक की बिक्री केवल सरकारी दरों और तय नियमों के अनुसार ही होगी। विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में हर बिक्री की सही प्रविष्टि दर्ज करें। स्टॉक और बिक्री पंजी (रजिस्टर) का नियमित एवं पारदर्शी संधारण करें। जमाखोरी, कालाबाजारी या एक ही किसान को असामान्य मात्रा में खाद देने से बचें। निर्देशों की अवहेलना या भविष्य में दोबारा गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से अपील: अधिक दाम मांगे तो तुरंत करें शिकायत

कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मांगता है या बिक्री में किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो तुरंत विभाग या जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज कराएं ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिले में उर्वरक की उपलब्धता और पारदर्शी वितरण व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा।


 

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