ब्यूरो चीफ/गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 11वीं-13वीं JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाए जाने के विरोध में शुक्रवार शाम JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। झंडा मैदान में JMM (झामुमो) कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया।
लाठी लेकर रिफॉर्म मंच के सदस्यों को खदेड़ते झामुमो कार्यकर्ता।
धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज के आरोप
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार छात्र संगठन झंडा मैदान में जमा होकर टावर चौक की ओर जुलूस निकालने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की तैयारी में थे। इसी दौरान JMM कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने लगे। बात बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। छात्रों का आरोप है कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने उन पर लाठियां चलाईं, जिससे पुतला दहन का कार्यक्रम बाधित हो गया।
पुलिस बल तैनात, स्थिति नियंत्रण में
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों पक्षों को खदेड़ा और स्थिति को बिगड़ने से संभाला। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पूरी तरह सामान्य है और झंडा मैदान में कोई बड़ी झड़प नहीं होने दी गई।
नेताओं के बीच जुबानी जंग
कार्यक्रम पूरा न होने से आक्रोशित छात्रों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुतला दहन से पूर्व मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर कमजोर आदेश जारी किया था, जो अदालत में नहीं टिक सका।
दूसरी ओर, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि इस मंच को भाजपा नेता संचालित कर रहे हैं और छात्रों की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेकी जा रही हैं। वहीं, पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि झामुमो अपने शीर्ष नेतृत्व का अपमान सहन नहीं करेगी और पार्टी ने इसके खिलाफ 'उलगुलान' की शुरुआत कर दी है।
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