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अंदर से खोखला था हरा-भरा पेड़, अचानक टूटी टहनी
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| मृतक बरजू बेदिया |
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों युवक अपनी पल्सर 200 बाइक (जेएच01जीएल0550) से मातकडीह (टाटी) अपने घर लौट रहे थे। पुरनापानी के पास पहुंचते ही रोड के बाएं तरफ मौजूद एक विशाल पेड़ की टहनी सीधे उनकी बाइक पर आ गिरी। पेड़ बाहर से हरा-भरा दिखता था, लेकिन उसकी टहनी अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी थी।
अनगड़ा से सिल्ली तक बिछा है 'मौत का जाल'
सैकड़ों साल पुराने पेड़ बने खतरा: रांची-मुरी मार्ग पर अनगड़ा से सिल्ली के बीच सैकड़ों साल पुराने दर्जनों विशाल पेड़ हैं। कई पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं, तो कई हरे-भरे पेड़ों के तने और टहनियां अंदर से सड़ व खोखली हो चुकी हैं।
पहले भी हो चुके हादसे: 17 सितंबर 2025 को जोन्हा में भी इसी तरह पेड़ गिरने से आजसू नेता राजू महली और संतोष उरांव गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। बीते कुछ सालों में दर्जनों बार सड़क पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक ठप हो चुका है।
विभाग आधा-अधूरा काम कर भूला: पथ निर्माण और वन विभाग ने कुछ जगहों पर सूखे पेड़ तो कटवाए, लेकिन दर्जनों खतरनाक पेड़ों को जस का तस छोड़ दिया।
"सड़क किनारे खड़े सूखे और अंदर से खोखले हो चुके पेड़ लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। सरकार और प्रशासन तुरंत दुर्घटना संभावित इलाकों का सर्वे कराए और ऐसे सभी जानलेवा पेड़ों को कटवाने की व्यवस्था करे।" — राजेंद्र शाही मुंडा, जिला परिषद सदस्य


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