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| अपनी समस्या बताते गांव के लोग। |
कीचड़ भरी राह, पैदल चलना भी दूभर
बरसात के दिनों में इस गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर इतनी फिसलन होती है कि बाइक तो दूर, पैदल चलना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। समाजसेवी इंकज कुमार के नेतृत्व में गांव के महिला-पुरुषों व युवाओं ने सड़क पर उतरकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति तीखा आक्रोश जताया है।
मरीजों को खटिया पर ढोने की मजबूरी
ग्रामीण अनीता देवी ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। आपातकालीन स्थिति में बीमारों और गर्भवती महिलाओं को खटिया या गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की सुध लेना भूल जाते हैं। ग्रामीणों ने धनवार विधायक बाबूलाल मरांडी से भी समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
पानी के लिए भी भारी मशक्कत
सड़क के अलावा गांव में पेयजल का संकट भी विकराल है। कविता देवी ने बताया कि गर्मी के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गांव में लगे दो चापाकल भी खराब पड़े हैं। लोग कुओं के पानी पर निर्भर हैं, जो गर्मी में सूख जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक मद से एक भी चापाकल गांव में नहीं लगवाया गया है, जिससे उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
पूरी नहीं हुई मांग तो करेंगे आंदोलन: इंकज
समाजसेवी इंकज कुमार ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अंजनवा मलुकचाल गांव में पक्की सड़क का निर्माण शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे और मुख्यालय में धरना देने को बाध्य होंगे।
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