GA4-314340326 SIR : गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा किया तो होगी जेल, गैर-नागरिक बिना साइन किए तुरंत लौटाएं फॉर्म

SIR : गलत जानकारी देकर फॉर्म जमा किया तो होगी जेल, गैर-नागरिक बिना साइन किए तुरंत लौटाएं फॉर्म

SIR: If you submit the form with wrong information, you will be jailed. Non-citizens should return the form immediately without signing it.
प्रमंडलीय आयुक्तों के प्रशिक्षण को संबोधित करते के. रवि कुमार।
अनिल चौधरी / रांची : झारखंड में 30 जून से 29 जुलाई तक स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत इन्यूमरेशन फेज चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म बांटेंगे और मतदाताओं की वर्तमान रंगीन फोटो के साथ उनके हस्ताक्षर युक्त फॉर्म जमा करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। गैर-भारतीय नागरिक या भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्ति इन्युमरेशन फॉर्म को बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए तुरंत बीएलओ को वापस लौटा दें। गलत जानकारी देकर गणना या घोषणा पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।

के. रवि कुमार शनिवार को निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और कार्य प्रणाली को लेकर बिंदुवार प्रशिक्षण दे रहे थे।

नागरिकता निर्धारण के लिए 3 मुख्य समय-सीमाएं तय

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत नागरिकता निर्धारण के लिए जन्मतिथि के आधार पर तीन कट-ऑफ डेट तय हैं:

 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 (बर्थ राइट रूल) : इस अवधि में भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक माना जाता है।

 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 (वन पैरेंट रूल) : इस दौरान भारत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है।

 2 दिसंबर 2004 के बाद (टू पैरेंट रूल) : इसके तहत माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है, या फिर एक पैरेंट भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध अप्रवासी न हो (उसके पास मान्य पासपोर्ट-वीजा हो)।

5 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट पब्लिकेशन

इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले हर मतदाता का नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल होगा। इसके बाद जिन मतदाताओं की मैपिंग सही मिलेगी, उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा।

-के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

नए वोटर्स को मिलेगा फॉर्म-6, देने होंगे दस्तावेज

फॉर्म जमा करते समय बीएलओ द्वारा नए मतदाताओं को फॉर्म-6 और डिक्लेरेशन फॉर्म दिया जाएगा। भरे हुए फॉर्म-6 को ऑनलाइन अपडेट करने का काम नोटिस और वेरिफिकेशन की अवधि में होगा। फॉर्म भरते समय वोटर्स को घोषणा पत्र के साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कोई एक आईडी प्रूफ जमा करना होगा।

कमिश्नर को करना होगा 3 बार निरीक्षण

के. रवि कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे वोटर लिस्ट के इस गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कम से कम 3 बार फील्ड निरीक्षण जरूर करें और समय पर इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में ऑनलाइन माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों के अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह उपस्थित थे।




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