GA4-314340326 जमुआ में राशन घोटाला! AGM छुट्टी पर, रात के अंधेरे में गोदाम खोल ट्रकों में लोड हो रहा था गरीबों का चावल; ग्रामीणों ने पकड़ा

जमुआ में राशन घोटाला! AGM छुट्टी पर, रात के अंधेरे में गोदाम खोल ट्रकों में लोड हो रहा था गरीबों का चावल; ग्रामीणों ने पकड़ा

Ration scam in Jamua! AGM was on leave, and in the dark of night, the warehouse was opened and the rice meant for the poor was being loaded into trucks; villagers caught it.
गोदाम में जांच करते स्थानीय जनप्रतिनिधि।
अमित सहाय/ गिरिडीह : गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत भाटडीह स्थित राज्य खाद्य निगम (SFC) के गोदाम में शुक्रवार की रात सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अनाज की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अधिकारियों की नाक के नीचे रात के अंधेरे में गरीबों के निवाले की कालाबाजारी की तैयारी चल रही थी। एक ट्रक पर सरकारी चावल पूरी तरह लोड हो चुका था, जबकि दूसरे ट्रक में लोडिंग जारी थी। इसी बीच भनक लगते ही सजग ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर धावा बोलकर दोनों ट्रकों को पकड़ लिया।

चौंकाने वाली बात यह है कि गोदाम के आधिकारिक प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधक (AGM) मदन मोहन सिंह पिछले दो दिनों से आकस्मिक अवकाश (CL) पर हैं। उनकी गैर-मौजूदगी में किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मी के बिना, गोदाम को पूरी तरह अनधिकृत (अवैध) रूप से खोलकर ट्रकों में सरकारी अनाज भरा जा रहा था।

न अधिकारी मिले, न स्टॉक रजिस्टर

मामले की सूचना मिलते ही जमुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अमल कुमार, झामुमो नेता बैजू यादव और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि रात में ही भाटडीह गोदाम पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गोदाम की सुरक्षा और पारदर्शिता की धज्जियां उड़ी मिलीं।

 लापता थे रिकॉर्ड्स : गोदाम में खाद्यान्न वितरण, आवक या रखरखाव से संबंधित कोई भी आवश्यक सरकारी अभिलेख (रजिस्टर) मौके पर नहीं पाया गया।

 जिम्मेदार नदारद : वितरण स्थल पर न तो कोई अधिकृत प्रभारी था और न ही कोई सरकारी सुरक्षाकर्मी। पूरा गोदाम बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया गया था।

 AGM के आने तक गोदाम रहेगा सील: BDO

भाटडीह गोदाम के प्रभारी एजीएम मदन मोहन सिंह दो दिनों से आकस्मिक अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में यह गोदाम अवैध रूप से खोला गया और ट्रकों में लोडिंग की जा रही थी। हमने लोडिंग के काम को तुरंत रुकवा दिया है। जब तक एजीएम वापस आकर स्थिति स्पष्ट नहीं करते, तब तक गोदाम से एक दाना भी बाहर नहीं जाएगा। फिलहाल गोदाम को बंद करा दिया गया है। - अमल कुमार, बीडीओ, जमुआ

जनप्रतिनिधियों का फूटा गुस्सा

इस बड़ी लापरवाही और संभावित घोटाले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। टीम ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और लापरवाही बताते हुए गिरिडीह उपायुक्त (DC) से तत्काल उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

 लाभुक परेशान, घटिया अनाज की सप्लाई : मौके पर मौजूद दर्जनों कार्डधारियों (लाभुकों) ने प्रशासन के सामने अपना दुखड़ा रोया। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि एक तो समय पर राशन नहीं मिलता, और जो मिलता है वह भी बेहद घटिया और जानवरों के खाने लायक होता है।

 पारदर्शिता का हनन बर्दाश्त नहीं : बीस सूत्री अध्यक्ष मो. जुनैद आलम और प्रमुख प्रतिनिधि संजीत यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि गरीबों के हक के अनाज की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। सरकारी योजनाओं में इतनी बड़ी अपारदर्शिता और जवाबदेही की कमी यह साबित करती है कि नीचे से ऊपर तक सांठगांठ है।

 कालाबाजारी की थी गुप्त सूचना : उपप्रमुख रब्बुल हसन रब्बानी और झामुमो नेता बैजू यादव ने कहा कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि भाटडीह गोदाम से दो ट्रकों में भरकर चावल को ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) में खपाने की तैयारी है। झामुमो नेता ने उपायुक्त से आरोपी एजीएम पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

अब क्या होगा?

ग्रामीणों की मुस्तैदी से गरीबों का निवाला ब्लैक मार्केट में जाने से तो बच गया, लेकिन अब इलाके के लोगों की नजरें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो जमुआ प्रखंड में राशन माफिया और अधिकारियों के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होना तय है।






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