फोटो : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को ज्ञापन सौंपते जनजाति सुरक्षा मंच के सोमा उरांव।
KANKE,(RANCHI): जनजाति सुरक्षा मंच के प्रवक्ता सह मुखिया संघ झारखंड के अध्यक्ष सोमा उरांव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शनिवार को मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड प्रदेश में जनजातियों की रक्षा करने के लिए यथाशीघ्र डीलिस्टिंग बिल पास कराने की मांग की। कहा कि वैसे लोग जो जनजाति समाज की रूढ़ी प्रथा, परंपरा और संस्कृति छोड़कर ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिए हैं, वैसे लोगों को अनुसूचित जनजाति का आरक्षण का लाभ देना बंद किया जाना चाहिए। कहा कि वर्तमान झारखंड सरकार के नियमानुसार निर्गत किए गए जाति प्रमाण पत्र में केवल पिता का नाम तथा मायके से जाति प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान होने से धर्मांतरण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही इस प्रमाण पत्र का दुरुपयोग धर्मांतरित लोगों से विवाह रचाने वाले लोग कर रहे हैं। इससे आदिवासी समाज के लिए आरक्षित एकल पद पर दूसरे लोग काबिज हो रहे हैं। वे नौकरी, जमीन, सरकार की योजनाओं के साथ ही मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, विधानसभा एवं लोकसभा के लिए जनजाति समाज के लिए आरक्षित सीट का लाभ उठा रहे हैं। कहा कि इस कारण झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियाओं का दबदबा बढ़ रहा है तथा डेमोग्राफी बदल रही है। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र में पिता के नाम के साथ-साथ पति का नाम भी अनिवार्य कर जनजातियों का आरक्षण बचाने का आग्रह किया। साथ ही देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने का आग्रह भी किया। सोमा उरांव ने राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे बेथेल मिशन गली स्थित नितिन नबीन के मामा संजय सिन्हा के आवास पर उनसे मुलाकात की। नितिन नबीन अपने संबंधियों से मिलने शाम सात बजे कांके अरसंडे पहुंचे थे। उन्होंने देर शाम तक वहां कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग भी की। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय लोग मौजूद थे।
जनजाति सुरक्षा मंच ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को ज्ञापन सौंप शीघ्र डीलिस्टिंग बिल पास कराने की मांग की
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