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| जागरूकता अभियान में शामिल लोग। |
प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली, नारों से गूंजा शहर
यह जागरूकता रैली नगर क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। रैली में शामिल लोग हाथों में नशामुक्त समाज और जागरूकता के संदेश लिखी तख्तियां थामे हुए थे। इस दौरान नारों के माध्यम से आम जनता को नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को इस सामाजिक बुराई से बचाने की अपील की गई।
महापौर और नगर आयुक्त ने दिया कड़ा संदेश
नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। नशामुक्त समाज तभी बनेगा जब हर नागरिक इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझेगा।
-प्रमिला मेहरा, महापौर
नगर आयुक्त विजय सिंह बीरूआ ने भी इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए नशे को प्रगति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया।
आर्थिक और मानसिक नुकसान : नगर आयुक्त ने कहा कि नशे के कारण परिवारों में आर्थिक तंगी, सामाजिक दूरियां और मानसिक समस्याएं पैदा होती हैं।
खुद बचें, दूसरों को बचाएं : उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
सामूहिक प्रयास से ही बदलेगी सूरत
नगर निगम द्वारा आयोजित इस रैली ने शहरवासियों को यह साफ संदेश दिया है कि बिना जनभागीदारी के किसी भी बड़ी सामाजिक बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता। सामूहिक प्रयासों से ही एक नशामुक्त, स्वस्थ और विकसित समाज का सपना सच हो पाएगा।

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