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| चिन्हित जमीन का नक्शा देखते उपायुक्त व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश। |
दोनों अधिकारियों ने बिरनी प्रखंड के मंझलाडीह और सरिया प्रखंड के बागोडीह में चिन्हित जमीनों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग (कनेक्टिविटी) और अन्य तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की।
अधिकारियों ने जमीन की व्यवहारिकता को परखा
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और न्यायिक टीम ने चिन्हित स्थलों पर निम्नलिखित बिंदुओं का गहन अवलोकन किया। यह पता करने की कोशिश की कि क्या यह स्थल दोनों प्रखंडों के नागरिकों के लिए सुलभ है। यहां तक आने-जाने के लिए सड़कों की क्या स्थिति है। बिजली, पानी और सुरक्षा के लिहाज से यह जगह कितनी उपयुक्त है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तण्ड प्रताप मिश्रा ने निर्देश दिया कि निर्माण के लिए ऐसी भूमि का चयन अंतिम रूप से किया जाए, जो सभी आवश्यक और कानूनी मानकों को पूरा करती हो। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा।
अब समय और पैसे दोनों की होगी बचत
उपायुक्त रामनिवास यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समय सीमा (Deadline) के भीतर पूरा करें।
प्रोजेक्ट की बड़ी बातें : अनुमंडलीय कोर्ट बनने से स्थानीय लोगों को छोटे-बड़े न्यायिक कामों के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी होगी। अनुमंडलीय जेल बनने से बंदियों को लाने और ले जाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन को बड़ी सहूलियत मिलेगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि आम नागरिकों को उनके घर के नजदीक बेहतर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी हर प्रक्रिया को प्राथमिकता (Priority) के आधार पर पूरा किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कई विभागों के आला अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।

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