GA4-314340326 SIR : वोटर लिस्ट में गलत मैपिंग कराई तो आएगा नोटिस; 7 अक्टूबर को आएगी फाइनल लिस्ट

SIR : वोटर लिस्ट में गलत मैपिंग कराई तो आएगा नोटिस; 7 अक्टूबर को आएगी फाइनल लिस्ट

झारखंड में 15 जून तक वोटर लिस्ट मैपिंग का काम पूरा करने का अल्टीमेटम; गलत मैपिंग हुई तो अन-मैप्ड की तरह नोटिस और जांच से गुजरना होगा

SIR: Notices will be issued for incorrect mapping in the voter list; the final list will be released on October 7th.
निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक करते के रवि कुमार।
रांची: झारखंड में वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि राज्य में 15 जून 2026 तक मतदाताओं का वोटर लिस्ट से मैपिंग का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए।

अगर किसी मतदाता की मैपिंग गलत होती है, तो उसे 'एनोमलीज' (त्रुटिपूर्ण) केस माना जाएगा। ऐसे वोटरों को भी अन-मैप्ड (जिनकी मैपिंग नहीं हुई है) मतदाताओं की तरह ही नोटिस, दावा/आपत्ति और पूरी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार समेत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी मौजूद थे।

 ऐसे समझें SIR की पूरी प्रक्रिया

वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध और अपडेट करने के लिए एसआईआर (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसका अंतिम प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को होगा। आम वोटरों के लिए दो स्थितियां हैं:

 मैप्ड मतदाता : जिन मतदाताओं की मैपिंग सही पाई जाएगी, उन्हें SIR प्रक्रिया के दौरान सामान्य तौर पर कोई भी नया दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) जमा नहीं करना होगा।

 अन-मैप्ड मतदाता : जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उनका नाम वोटर लिस्ट से कटेगा नहीं। लेकिन, उन्हें निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नोटिस दिया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद उन्हें खुद का, माता-पिता या दादा-दादी से संबंधित जन्मतिथि का दस्तावेज जमा करना होगा। ERO द्वारा दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद ही उनका नाम फाइनल लिस्ट में रहेगा।

 फर्जी वोटरों पर नजर, BLO को निर्देश

SIR का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक वोटर लिस्ट से न छूटे। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है, कोई भी गैर-भारतीय इसमें शामिल न हो सके। -के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

अधिकारियों और BLO के लिए जारी मुख्य निर्देश

 15 जून के बाद नहीं बदलेंगे BLO : इन्यूमरेशन फॉर्म में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का नाम और फोन नंबर दर्ज होगा। 15 जून के बाद BLO बदले नहीं जाएंगे।

 खराब काम करने वाले BLO की ट्रेनिंग : कम मैपिंग करने वाले BLO से ऑनलाइन बात कर उनसे कारणों की समीक्षा की गई और उनकी क्षमता बढ़ाने (ट्रेनिंग) के निर्देश दिए गए।

 पेंडेंसी होगी जीरो : 15 जून तक सभी जिलों में फॉर्म 6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म 7 (नाम हटाने) और फॉर्म 8 (सुधार) के लंबित मामलों को शून्य (जीरो) करने का लक्ष्य है।

 ASD वोटरों की पहचान : अन-मैप्ड वोटरों की लिस्ट खंगालकर उनमें से एब्सेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड (दूसरी जगह गए), डेथ (मृतक), डुप्लीकेट और गैर-नागरिक वोटरों की पहचान करने को कहा गया है।



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