GA4-314340326 गिरिडीह: मोतीलेदा में NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे बालू माफिया, रोजाना 200 ट्रैक्टरों से अवैध ढुलाई

गिरिडीह: मोतीलेदा में NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे बालू माफिया, रोजाना 200 ट्रैक्टरों से अवैध ढुलाई

ग्रामीणों ने डीसी को सौंपा आवेदन, कहा- खेती बर्बाद हो रही, हादसों का साया

पुलिस-खनन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल; जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

Giridih: Sand mafia flouts NGT orders in Motilada, illegally transporting sand by 200 tractors daily
दिनदहाड़े नदी से अवैध बालू खनन करते माफिया।
गिरिडीह/बेंगाबाद : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा मानसून अवधि में नदियों से बालू उठाव पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद बेंगाबाद थाना क्षेत्र में अवैध बालू तस्करी का खेल खुलेआम जारी है। एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए माफिया बेखौफ होकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

बेंगाबाद थाना क्षेत्र की मोतीलेदा पंचायत में बालू का यह अवैध कारोबार अब चरम पर पहुंच चुका है। इससे परेशान होकर स्थानीय ग्रामीण मुकेश कुमार यादव, राम कुमार सहित अन्य ने मंगलवार को गिरिडीह उपायुक्त (डीसी) को आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

दिन-दहाड़े जेसीबी से उठा रहे बालू

बालू माफिया में प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। दिन के उजाले में ही नदी घाटों पर जेसीबी मशीनें लगाकर बालू का अंधाधुंध अवैध खनन किया जा रहा है। ट्रैक्टरों में लोड कर बिना किसी रॉयल्टी और चालान के इस बालू को जिले तथा आसपास के इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। एनजीटी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए इस अवधि में पूरी तरह रोक लगाई है, लेकिन मोतीलेदा, कोसी और बरदौनी सहित दर्जनों घाटों से बेरोकटोक खनन जारी है, जिससे नदियों का अस्तित्व खतरे में है।

ग्रामीणों ने डीसी को गिनाईं तीन बड़ी परेशानियां

उपायुक्त को दिए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह 3 बजे से शाम 6 बजे तक लगभग 200 ट्रैक्टर अवैध रूप से बालू की ढुलाई में लगे हैं। इससे क्षेत्र में तीन गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

 आवागमन ठप, स्कूली बच्चे परेशान : दिनभर ट्रैक्टरों के काफिले के कारण सड़कों पर धूल का गुबार रहता है और चलना दूभर हो गया है। स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 बेलगाम रफ्तार से हादसे का खतरा : बालू लदे ट्रैक्टर सड़कों पर अत्यधिक तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। इससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है और किसी की जान जा सकती है।

 खेत हो रहे बर्बाद, बढ़ रहा है कटाव : नदी किनारे स्थित उपजाऊ खेतों में अवैध खनन के कारण दरारें पड़ रही हैं। नदी का कटाव तेज होने से फसलें चौपट हो रही हैं और किसानों की जमीन नदी में समाती जा रही है।

पुलिस व खनन विभाग पर सांठगांठ का आरोप

 ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस और खनन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस की गाड़ियां अक्सर इन बालू लदे अवैध ट्रैक्टरों के बगल से गुजर जाती हैं, लेकिन उन्हें रोकने या जांच करने की जहमत नहीं उठातीं। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना, पुलिस और माफिया की मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है। फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

और नया पुराने