
पुलिस के सामने गड्ढे को जेसीबी से भरते लोग।
दबंगई : पुलिस की मौजूदगी में ही सैकड़ों महिला-पुरुषों ने पाट दी रैयत की जमीन पर कटी ट्रेंच, विरोध पर मारपीट

लूटपाट : दो लोगों से 20 हजार नगद और सोने की चेन छीनी; 15 लाख की रंगदारी और 10-10 फीट जमीन मांगी
साठगांठ का आरोप : विशेष राजनीतिक दल व भू-माफिया के दबाव में काम कर रहे थाना अध्यक्ष
अमित सहाय / गिरिडीह : जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत थाना रोड स्थित बिराजपुर में भू-माफिया का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि वे अब पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक (SP) के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। बिराजपुर में बीते 25 मई को अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर ट्रेंच (खाई) कटवा रहे रैयत के साथ न सिर्फ मारपीट और लूटपाट की गई, बल्कि पुलिस की मौजूदगी में ही सैकड़ों की भीड़ ने उस ट्रेंच को जबरन भर दिया। इस मामले में दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी बिरनी थाना अध्यक्ष ने अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की है। पीड़ित का आरोप है कि थाना प्रभारी किसी विशेष राजनीतिक दल और भू-माफिया के दबाव में आकर दोषियों को बचा रहे हैं।
50 वर्षों से जमाबंदी, फिर भी जमीन पर 'गिद्ध नजर'
मामला बिराजपुर के खाता संख्या 1, प्लॉट संख्या 447 और रकबा 25 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। इस जमीन के असली दखलकार स्थानीय निवासी मनोहर कृष्ण सहाय एवं उनका परिवार है। यह जमीन वर्ष 1971 में सरकार द्वारा इनके परिवार के नाम पर सेटलमेंट (बंदोबस्ती) की गई थी। अंचल कार्यालय में पिछले 50 वर्षों से भी अधिक समय से इसकी जमाबंदी कायम है और लगातार अंचल रसीद भी निर्गत हो रही है। इसके बावजूद स्थानीय भू-माफियाओं की नजर इस कीमती जमीन पर गड़ गई है।
15 लाख की रंगदारी मांगी, विरोध करने पर पैकेट से उड़ाए पैसे और चेन
पीड़ित मनोहर कृष्ण सहाय ने बताया कि बीते 25 मई 2026 को वे अपनी जमीन पर जेसीबी से ट्रेंच कटवा रहे थे। इसी दौरान बिराजपुर के ही कुछ रसूखदार भू-माफिया वहां पहुंचे और जबरन जेसीबी को बंद करा दिया। आरोपियों ने दखलकार से 10-10 फीट जमीन और 15 लाख रुपये रंगदारी की मांग की।
जब रैयत ने इसका विरोध किया, तो दयाशंकर (सीताराम) पंडित, मिट्ठू (शंकर) पंडित और गोपाल पंडित ने मनोहर कृष्ण सहाय के साथ धक्का-मुक्की की और उनके पैकेट से ₹17,000 नगद छीन लिए। बीच-बचाव करने आए उनके भतीजे राजीव सहाय के साथ भी मारपीट की गई और उनसे ₹3,000 नगद समेत गले से सोने की चेन झपट ली गई।
पुलिस तमाशबीन बनी रही, भीड़ ने पाट दी खाई
घटना की सूचना मिलते ही बिरनी थाना के एसएसआई (SSI) दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपियों ने सैकड़ों महिला और पुरुषों को बुलाकर जेसीबी से खोदी गई ट्रेंच को दोबारा भरवा दिया। इस भीड़ का नेतृत्व मुख्य रूप से घोखुल पंडित, बद्री पंडित, भोला पंडित, सहदेव पंडित, आनंद पंडित, शंकर पंडित, कलावती देवी, मुद्रिका देवी, विमला देवी और चमेली देवी समेत अन्य लोग कर रहे थे।
चक्कर काटते रहे पीड़ित, टालते रहे अफसर
पीड़ित जब लिखित शिकायत लेकर बिरनी थाना पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मियों ने इसे 'सिविल का मामला' बताकर अंचल अधिकारी (CO) के पास जाने को कह दिया। जब पीड़ित सीओ के पास पहुंचे, तो उन्होंने इसे पुलिस का मामला बताकर वापस टाल दिया। थक-हारकर आवेदक ने डाक द्वारा थाना प्रभारी को आवेदन भेजा और न्याय के लिए गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार और डीएसपी-1 नीरज कुमार से गुहार लगाई।
डीएसपी के निर्देश पर सरिया पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) ने बिरनी थाना प्रभारी को कार्रवाई का आदेश देते हुए पीड़ित को 7 जून 2026 (रविवार) को थाने बुलाया। लेकिन जब पीड़ित परिवार वहां पहुंचा, तो थाना प्रभारी मौके से नदारद मिले।
थाना प्रभारी को इस मामले में तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है। वे फिलहाल शायद छुट्टी पर हैं। जैसे ही वे वापस आते हैं, प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। -अजय कुमार, पुलिस निरीक्षक (सरिया, गिरिडीह)
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