ग्रामीणों का आरोप- 'मिलीभगत से फल-फूल रहा धंधा'
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| एक मकान में बैठकर जुआ खेलते लोग |
स्थानीय ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि इसी सांठगांठ के कारण यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
दूसरे जिलों से भी आते हैं रईजादे, रोजाना लग रहा लाखों का दांव
ग्रामीणों के मुताबिक, यह सिर्फ स्थानीय स्तर का जुआ नहीं है, बल्कि यहां अंतर-जिला स्तर पर सिंडिकेट काम कर रहा है।
* इस अड्डे पर रोजाना लाखों रुपए की बाजी लगती है।
* बेंगाबाद के अलावा **जामताड़ा, गांडेय और अहिल्यापुर** जैसे सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां भाग्य आजमाने पहुंचते हैं।
* शाम होते ही संदिग्ध वाहनों और बाहरी लोगों के जमावड़े से इलाके का सामाजिक माहौल तो खराब हो ही रहा है, आम राहगीरों और महिलाओं का सड़क से गुजरना भी दूभर हो गया है।
Flashback: इसी अड्डे के फेर में हो चुकी है हत्या
इस जुआ अड्डे का इतिहास बेहद खौफनाक रहा है। पूर्व में इसी अवैध धंधे और पैसों के लेनदेन के विवाद में एक युवक अपनी जान गंवा चुका है। एक मर्डर होने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा कोई स्थाई या सख्त कदम नहीं उठाया जाना कई तरह के संदेह पैदा करता है।
छापेमारी का 'खेल': पुलिस आई जुआ बंद, गई शुरू
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। शिकायत होने पर कभी-कभार छापेमारी कर अड्डे को बंद कराने का दिखावा किया जाता है, लेकिन पुलिस की गाड़ी लौटते ही कुछ दिनों बाद यह धंधा दोगुनी रफ्तार से फिर शुरू हो जाता है। पुलिस की इस 'आंख-मिचौली' से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
थाना प्रभारी बोले- जल्द होगी कार्रवाई
मामला संज्ञान में है। जल्द ही इस पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी और इलाके में चल रही तमाम अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। -थाना प्रभारी, बेंगाबाद

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