बोकारो आईजी ने की गिरिडीह में पेंडिंग केसों की समीक्षा
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| बैठक में गिरिडीह एसपी के साथ चर्चा करते बोकारो आईजी। |
लंबित मामलों का जल्द करें निपटारा
बैठक के दौरान आईजी ने पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी कि थानों में मामलों की पेंडेंसी (लंबित सूची) को जल्द से जल्द कम किया जाए। उन्होंने अनुसंधान (Investigation) की गति तेज करने पर जोर देते हुए कहा कि मामलों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। इसके साथ ही जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए रणनीति साझा की गई।
महिला सुरक्षा-POCSO एक्ट पर विशेष फोकस
महिला सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए आईजी ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न और यौन अपराधों, विशेषकर POCSO एक्ट से जुड़े मामलों पर पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करे। जिले के सभी महिला सहायता केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय और अलर्ट रखा जाए।
फरार चल रहे वारंटियों, कुख्यात अपराधियों और जमानत पर बाहर आए शातिर अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
साइबर फ्रॉड गैंग से निबटने की रणनीति तैयार
गिरिडीह के जंगलों और सुदूर इलाकों से संचालित होने वाले अवैध साइबर ठगी के 'कंट्रोल रूम' पर आईजी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बैठक में साइबर फ्रॉड गैंग्स का पूरी तरह से पर्दाफाश करने और उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि तकनीकी सेल की मदद से साइबर अपराधियों के ठिकानों पर त्वरित और प्रभावी छापेमारी की जाए। बैठक में गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस उपाधीक्षक (DSP), अंचल पुलिस निरीक्षक (इन्स्पेक्टर) और विभिन्न थानों व ओपी के प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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