झारखंड में 5 हजार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे; सुदूर इलाकों में 'मिशन मोड' में आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का निर्देश

Jharkhand will establish 5,000 CM Schools of Excellence; instructions to establish Anganwadi centres in remote areas in a mission mode.
झारखंड मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश देते सीएम।
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में दो महत्वपूर्ण विभागों महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने साफ कहा कि योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए। बजट के केन्द्रांश और राज्यांश का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

सीएम ने शिक्षा विभाग को अगले छह से आऑ महीनों के भीतर राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल को 'सिंगल टीचर' (एकल शिक्षक) के भरोसे न छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही, उन्होंने राज्य में 'सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की कार्य योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया।

1. स्कूली शिक्षा : झारखंड में कोई भी स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे नहीं रहेगा, 1 सप्ताह में मांगा शिबू सोरेन विद्यालय का DPR

बैठक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी स्कूलों के नतीजों में सुधार हो रहा है, इसे और बेहतर करने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

 स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका

सीएम ने निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को तेज कर शत-प्रतिशत पदों को भरा जाए। नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए सभी वेरिफिकेशन कार्य इसी महीने के अंत तक पूरे किए जाएं। अगले 6-8 महीने में कोई भी स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे न रहे, इसके लिए विद्यालय प्रबंध समितियों से तालमेल बिठाकर स्थानीय शिक्षित युवाओं और खासकर छात्राओं को शिक्षक के रूप में जोड़ा जाए।

शिक्षा क्षेत्र के अन्य बड़े फैसले

दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय : रांची के जगुआर कैंपस में 6 एकड़ भूमि पर शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए 'दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय' की स्थापना होगी। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इसकी डीपीआर (DPR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

ड्रॉप आउट में सुधार : अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या घटी है और राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। अब श्रम विभाग के साथ मिलकर बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों का भी स्कूलों में नामांकन कराया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत बस सेवा : छात्रों को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाने-ले जाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन (बस) सुविधा शुरू की जाएगी।

आवासीय विद्यालय : राज्य के 26 नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में पढ़ रहे 4 हजार वंचित वर्ग के बच्चों को मुफ्त आवासीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।

 इंटरनेट और खेल : सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और आईसीटी (ICT) लैब दुरुस्त करने तथा बच्चों को स्पोर्ट्स किट देकर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।

2. महिला एवं बाल विकास: रिक्त पदों पर जल्द बहाली, मिशन मोड में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र

महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को भरने और आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

 2,019 पदों पर होगी जल्द नियुक्ति

विभाग में बड़े पैमाने पर खाली पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि विभाग के अंतर्गत कुल  2,019 पद रिक्त हैं, जिन पर जल्द ही बहाली की जाएगी। रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है:

पद का नाम रिक्त पदों की संख्या 

आंगनबाड़ी सहायिका    897

आंगनबाड़ी सेविका    583 

महिला पर्यवेक्षिका    433 

सीडीपीओ (CDPO)    106

कुल रिक्तियां            2,019

किराए के भवनों से सरकारी स्कूलों में शिफ्ट होंगे आंगनबाड़ी केंद्र

सीएम ने निर्देश दिया कि राज्य में मिशन मोड में 'मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र' बनाए जाएं। इसके लिए सीएसआर (CSR) और डीएमएफटी (DMFT) फंड का इस्तेमाल किया जाए। सबसे पहले जीर्ण-शीर्ण और किराए के भवनों में चल रहे केंद्रों को सरकारी स्कूल परिसरों में शिफ्ट किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। सभी केंद्रों पर बिजली, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। वर्तमान में आंगनबाड़ी सेविकाएं मोबाइल फोन के जरिए 'पोषण ट्रैकर पोर्टल' पर रोजाना की गतिविधियां अपलोड कर रही हैं।

 3. सामाजिक सुरक्षा : बाल विवाह के खिलाफ कड़ा एक्शन, छूटे पात्रों को मिलेगी पेंशन

सामाजिक कुप्रथाओं पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने बाल विवाह पर हर हाल में रोक लगाने का निर्देश दिया।

बाल विवाह मुक्त झारखंड : गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा जैसे जिलों में बाल विवाह के मामले ज्यादा आ रहे हैं। सीएम ने इन क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने और कानूनी कार्रवाई की जानकारी आम लोगों को देने को कहा। इस कुप्रथा के खिलाफ साहस दिखाने वाली बालिकाओं को समाज में ब्रांड एंबेसडर या वॉलेंटियर बनाया जाएगा। इसके अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने तथा शिकायतों का त्वरित निपटारा करने को कहा गया।

सर्वजन पेंशन और मईयां सम्मान योजना : सीएम ने 'मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना' और 'झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना' की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित आयु वर्ग का कोई भी पात्र लाभुक इस योजना से छूटना नहीं चाहिए। इसके अलावा सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना की भी समीक्षा की गई।

बैठक में ये रहे उपस्थित

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त/अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, समाज कल्याण निदेशक किरण कुमार पासी, स्कूली शिक्षा विभाग के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सीएम ने बैठक के दौरान ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (बुंडू) के प्रबंधन से जुड़कर वहां की सुविधाओं का जायजा भी लिया।



 

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