![]() |
| अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते निगम कर्मी। |
सामान जब्त, दुकानदारों में मची अफरा-तफरी
शनिवार दोपहर जैसे ही नगर निगम का दस्ता सड़कों पर उतरा, अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने सड़क घेरे हुए फुटपाथी दुकानदारों के तराजू, सब्जियां और अन्य सामान जब्त कर लिए। सहायक नगर आयुक्त अशोक हासदा ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद दुकानदार सड़क तक अपनी दुकानें फैला रहे थे, जिससे आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया था। निगम ने स्पष्ट किया है कि अब दोबारा कब्जा करने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
अस्पताल के बाहर शराब का अवैध धंधा!
अभियान के दौरान सबसे गंभीर मामला सदर अस्पताल गेट के समीप मिला। यहाँ सड़क किनारे लगे दो ठेलों से संदिग्ध परिस्थितियों में देशी शराब जब्त की गई। अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र के पास शराब की बरामदगी ने निगम और पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शराब की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सियासत : कुछ इलाकों पर मेहरबानी क्यों?
निगम की इस कार्रवाई की जहां एक ओर सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर भेदभाव के आरोप भी लगने लगे हैं। भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिथुन चंद्रवंशी ने प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
भाजयुमो नेता चंद्रवंशी के तीन सवाल
1. अभियान हमेशा आंबेडकर चौक से कचहरी रोड तक ही सिमट कर क्यों रह जाता है?
2. पदम चौक से शिव मोहल्ला और बड़ा चौक से गांधी चौक जैसे इलाकों को क्यों छोड़ा जा रहा है?
3. प्रशासन अतिक्रमण हटाने में 'दोहरी नीति' क्यों अपना रहा है?
अतिक्रमण हटाना अच्छी पहल है, लेकिन यह कार्रवाई पूरे शहर में निष्पक्ष और समान रूप से होनी चाहिए। निगम को केवल चुनिंदा रूटों पर ही अपनी ताकत नहीं दिखानी चाहिए। -मिथुन चंद्रवंशी, जिलाध्यक्ष, भाजयुमो
नगर निगम अधिकारियों की अपील
सहायक उपनगर आयुक्त ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे नियमों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता और सुगम यातायात के लिए फुटपाथ खाली रखना अनिवार्य है। जब्त सामान की सूची तैयार कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।

एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.