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| SOP जारी करते सीएमडी व अन्य सीसीएल अधिकारी। |
मैनेजमेंट ने संयुक्त रूप से किया विमोचन
सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) निलेंदु कुमार सिंह ने निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्रशेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनूप हंजुरा और मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) पंकज कुमार की मौजूदगी में इस SOP श को जारी किया।
सीएमडी ने कहा, SOP के लागू होने से कार्यों के निष्पादन में स्पष्टता आएगी। निर्णय लेने की प्रक्रिया अब अधिक सुसंगत और समयबद्ध होगी, जिसका सीधा असर कोयला उत्पादन और गुणवत्ता पर पड़ेगा।
क्यों पड़ी जरूरत
अक्सर विभागों में प्रक्रियाओं के स्पष्ट न होने से फाइलों के निपटारे में देरी होती थी। अब नई SOP से ये तीन बड़े बदलाव होंगे:
1. एकरूपता : सभी क्षेत्रों (Areas) में एक ही तरह के नियमों से काम होगा।
2. पारदर्शिता : प्रक्रियाओं के मानकीकृत होने से जवाबदेही तय करना आसान होगा।
3. समय की बचत : निर्णय लेने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश होने से देरी नहीं होगी।
इन विभागों पर रहेगा विशेष फोकस
विद्युत, यांत्रिकी और उत्खनन विभाग सीसीएल की रीढ़ माने जाते हैं। मशीनों के रख-रखाव से लेकर बिजली की निर्बाध आपूर्ति तक, हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया को इस गाइडलाइन में शामिल किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। उम्मीद की जा रही है कि यह पहल न केवल आंतरिक कार्यप्रणाली को सशक्त करेगी, बल्कि सीसीएल के 'सतत विकास' के लक्ष्य को हासिल करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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