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| आचार्य धर्मराज शास्त्री |
angara(ranchi) श्रीराम मंदिर परिसर, जोन्हा में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। विंध्याचल से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य धर्मराज शास्त्री ने अपनी ओजस्वी वाणी से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिव्य जीवन और उनके उच्च आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्रीराम त्याग और सनातन धर्म के जीवंत प्रतीक व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए आचार्य श्री ने 'बालकांड' का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम के प्राकट्य, उनके बाल्यकाल की लीलाओं और गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में प्राप्त शिक्षा के प्रसंगों को सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा और सनातन धर्म के जीवंत प्रतीक हैं। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण आधुनिक समाज को सही मार्ग दिखाने वाला है। भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु कथा के दौरान भक्ति गीतों और सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। श्रद्धालु भक्ति के आनंद में डूबे नजर आए। आयोजन समिति के अध्यक्ष बलराम साहू ने जानकारी दी कि यह संगीतमय रामकथा रामनवमी तक अनवरत चलेगी, जिसमें प्रतिदिन प्रभु के विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं का वर्णन होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है। महाआरती के साथ हुआ प्रथम दिन का समापन प्रथम दिन की कथा का समापन भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बीएमएस के प्रमंडलीय सचिव रामकुमार दीपक उपस्थित थे। इस अवसर पर आयोजन समिति के बसंत सुंडी, मधुसूदन साहू, गोविंद साहू, गिरजा साहू, प्रदीप साहू, राजेश साहू, किशोर साहू, परमेश्वर साहू, दीनदयाल साहू, महेश भारती, विनोद मिश्रा, प्रकाश साहू, उदय साहू, सीताराम साहू और कृष्णा साहू आदि उपस्थित थे।
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