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| sujit kumar |
angara(ranchi) झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को संतुलित, दूरदर्शी और जनोन्मुखी बताते हुए गैर सरकारी संगठन जनकल्याण समर्पण संस्थान के अध्यक्ष सुजीत कुमार ने राज्य सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक संतुलन, ग्रामीण विकास और कौशल निर्माण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सामाजिक संतुलन पर विशेष फोकस सुजीत कुमार ने कहा कि बजट में समाज के सभी वर्गों गरीब, किसान, युवा, महिलाएं और पिछड़े क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान राज्य सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना उन्होंने बताया कि बजट में ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, पेयजल, कृषि विकास और पंचायत स्तर पर आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कौशल निर्माण और रोजगार सृजन सुजीत कुमार के अनुसार, युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन की दिशा में बजट में प्रभावी प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने उद्योग, निवेश और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए नीतिगत पहल की है, जिससे राज्य में निवेश का वातावरण बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा। निवेश और औद्योगिक विकास उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी और सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बजट में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार सुजीत कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट राज्य के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ इन योजनाओं को धरातल पर उतारेगी, ताकि झारखंड प्रगति के पथ पर और तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने अंत में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा है।
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