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| इंफोसिस ग्लोबल के ईवीपी आशीष कुमार दास मोमेंट भेंट करते सीएम हेमंत सोरेन। |
फरवरी में तैयार होगा रोडमैप
बैठक का मुख्य केंद्र झारखंड के युवाओं का कौशल विकास रहा। मुख्यमंत्री और इंफोसिस के बीच राज्य के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल स्किल्स से लैस करने पर सहमति बनी है। इसके लिए इंफोसिस अपने 'विंग्सपैन प्लेटफॉर्म' का इस्तेमाल कर सकती है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए फरवरी में एक वर्चुअल सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें तकनीकी बारीकियों पर अंतिम मुहर लगेगी। बताते चलें कि दावोस में मुख्यमंत्री की वैश्विक दिग्गजों के साथ यह मुलाकात राज्य में निवेश के साथ-साथ उच्च-तकनीकी रोजगार के द्वार खोल सकती है। अगर इंफोसिस के साथ यह करार धरातल पर उतरता है, तो झारखंड का युवा देश के आईटी हब को टक्कर देने की स्थिति में होगा।
माइनिंग में सुरक्षा और उत्पादकता पर जोर
मुख्यमंत्री के 'टेक्नोलॉजी टॉवर' के विजन से प्रभावित होकर इंफोसिस ने खनन क्षेत्र (Mining Sector) में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। कंपनी अपने एआई-आधारित समाधानों के जरिए झारखंड की खदानों में सुरक्षा, दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने में सहयोग करेगी।
खास बातें: जो आपको जानना चाहिए
* प्रशंसा: इंफोसिस के ईवीपी ने सीएम सोरेन के री-स्किलिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विजन की सराहना की।
* आमंत्रण: इंफोसिस ने सीएम और मुख्य सचिव को 'इंफोसिस हाउस' भ्रमण का न्योता दिया है ताकि वे अत्याधुनिक एआई नवाचारों को करीब से देख सकें।
* लक्ष्य: आईटी और एआई के जरिए युवा झारखंड को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना।
मुख्यमंत्री का विजन सराहनीय है। झारखंड के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और खनन क्षेत्र में एआई आधारित बदलाव लाने की दिशा में हम मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। -आशिष कुमार दास, ईवीपी, इंफोसिस ग्लोबल

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