GA4-314340326 दावोस : क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में दुनिया का 'पावर हाउस' बनेगा झारखंड

दावोस : क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में दुनिया का 'पावर हाउस' बनेगा झारखंड

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ग्लोबल राउंड टेबल, देश के 24 में से 20 महत्वपूर्ण खनिज अकेले झारखंड में

कॉफी टेबल बुक का विमोचन करते प्रशांत कुमार, जयंत सिन्हा व अन्य।
रांची/दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में झारखंड ने अपनी खनिज संपदा और रणनीतिक कौशल से वैश्विक दिग्गजों को चौंका दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने 'क्रिटिकल मिनरल्स' पर एक उच्चस्तरीय संवाद आयोजित किया। इस दौरान यह तथ्य मजबूती से उभरा कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 में से 20 क्रिटिकल मिनरल्स अकेले झारखंड में मौजूद हैं। यह उपलब्धि झारखंड को न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का आधार बनाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बनाती है।

अब सिर्फ माइनिंग नहीं, 'प्रोसेसिंग' पर फोकस

राज्य सरकार ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि अब झारखंड केवल कच्चा माल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। बल्कि, प्रोसेसिंग पर भी फोकस करेगा। जल्द ही सरकार इस पर नई नीति बनाएगी।

 * नई मिनरल प्रोसेसिंग नीति: सरकार एक व्यापक मसौदा तैयार कर रही है। इसमें निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता के साथ-साथ वैल्यू चेन के विकास पर जोर होगा।

 * अनुसंधान और विकास (R&D): राज्य अब मिनरल प्रोसेसिंग और उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing) के केंद्र के रूप में विकसित होगा।

 * ग्लोबल पार्टनरशिप: यह कदम यूके-भारत एफटीए और भारत-जर्मनी सहयोग जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों को मजबूती देगा।

कॉफी टेबल बुक का विमोचन: 'धरती के नीचे छिपा है भारत का भविष्य'

संवाद के दौरान “Beneath the Ground: Powering India’s Energy Security” शीर्षक वाली एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। यह किताब झारखंड की भूगर्भीय समृद्धि और भारत की आत्मनिर्भरता में उसकी भूमिका को बखूबी दर्शाती है।

यह भी पढ़ें: दावोस में बड़ी डील...

क्यों अहम है यह दौरा?

दुनिया इस समय चीन पर निर्भरता कम करने के लिए खनिजों के नए स्रोत तलाश रही है। ऐसे में दावोस में झारखंड की मौजूदगी ने यूके, जर्मनी और दावोस के नीति-निर्माताओं को राज्य की ओर आकर्षित किया है। यह न केवल राज्य में विदेशी निवेश लाएगा, बल्कि जियो-पॉलिटिक्स में भी झारखंड की स्थिति मजबूत करेगा।

क्लिक करें : झारखंड सरकार से जुड़ीं हर खबर पढ़ने के लिए हमारे वाट्सएप चैनल को ज्वाइन करें



Post a Comment

please do not enter any spam link in the comment box.

और नया पुराने