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| गोल्ड मेडलिस्ट को सम्मानित करते |
अनिल कुमार चौधरी/angara(ranchi) उषा मार्टिन विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को अपना दूसरा दीक्षांत समारोह मनाया। इसमें ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों के लिए
9 स्वर्ण पदक विजेताओं सहित 275 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 18 छात्रों को पीएचडी डिग्री, 165 छात्रों को ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री और 83 छात्रों को डिप्लोमा की डिग्री प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि पदम विभूषण प्रख्यात वैज्ञानिक डा. आरए माशेलकर व विशिष्ट अतिथि प्रो वीसी प्रो. सुरेश गर्ग, वीसी प्रो. मधुलिका कौशिक, विवि के संस्थापक हेमंत गोयल व सीओई डा. विनय सिंह ने की। अ
ध्यक्षता कुलाधिपति पूर्व राज्यपाल प्रभात कुमार ने की। संचालन रजिस्ट्रार डा. अनिल कुमार मिश्रा ने किया। डा. माशेलकर ने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। 'विकसित भारत' का सपना केवल युवाओं के समर्पण और सक्रिय भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है। विकसित राष्ट्र के लिए हमें सात सिद्धांतों संतुलित, सुसंस्कृत, शिक्षित, समृद्ध, सुशासित, सुरक्षित और खुशहाल को अपनाने की जरूरत है। इन्होंने छात्रों से समाज में सकारात्मक योगदान देने और अपनी मातृभूमि के मूल्यों को बनाए रखने का आहवान किया।
प्रो. मधुलिका कौशिक ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कहा कि उषा मार्टिन विवि ने देश व राज्य को एक एक मजबूत और उत्कृष्ट शिक्षण प्रणाली प्रदान किया है। इन्होंने समग्र विकास और छात्र सफलता के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे प्रमुख विकास जैसे प्रकाशन, अनुसंधान सहयोग, पुरस्कार और छात्र गतिविधियों को रेखांकित किया।
मौके पर अतिथि के रूप में अनगड़ा प्रमुख दीपा उरांव, जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र शाही मुण्डा, जिप सदस्य अनुराधा मुण्डा, टीएसी के मेंबर जमल मुण्डा, भाजपा नेता रामसाय मुण्डा, समाजसेवी झब्बूलाल महतो, प्रेम उरांव आदि उपस्थित थे। नौ छात्रों को मिला गोल्ड मेडल
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| उदघाटन करते |
जिन्हें गोल्ड मेडल दिया गया उसमें एमबीए के आकाश कुमार सोनी, एमसीए के निलय कुमार, बीबीए के अभिलाषा भारती व सुरभि देवगम, बीसीए के लक्ष्मी सरदार, बीएसए(एग्रीकल्चर) के सृजा, बीटीसी(साइंस एंड इंजीनियरिंग)आर्यन कुमार गुप्ता, डप्लोमा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कृष्णा शर्मा और डिप्लोमा इन फार्मेसी के लिए हर्षद मेहता को दिया गया।
पांच सालों के अंदर उषा मार्टिन विवि ने विश्वस्तरीय शिक्षा के कारण एक अमिट छाप छोड़ी
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| संस्थापक हेमंत गोयल मुख्य अतिथि को सम्मानित करते |
अपने स्थापना काल के महज पांच वर्षो के अंदर ही उषा मार्टिन विवि ने अपने विश्वस्तरीय शिक्षा के कारण एक अमिट छाप छोड़ी है। क्षेत्र में शिक्षा का प्रचार-प्रसार बढ़ा है। अपने सामाजिक दायित्वों के कारण विवि समय समय पर स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास आदि विषयों को लेकर जागरूकता अभियान चलाते रहा है।
संस्थापक हेमंत गोयल बताते है देश के विभिन्न प्रांतों से काफी संख्या में छात्रा विवि में विभिन्न विषयों में अपना ज्ञान अर्जित कर रहे है। हमारा मुख्य उददेश्य देश को उच्च् शिक्षा के क्षेत्र में विकसित करना है। हर विषय की शिक्षा प्रदान की जा रही है।
जिला परिषद सदस्य राजेन्द्र शाही मुण्डा ने बताया कि विवि खुलने से क्षेत्र के वंचित तबके के बच्चें उच्च शिक्षा पाकर देश की सेवा कर रहे है। शिक्षा का एक बेहतर माहौल बना है। अब जरूरत है विवि अपने स्तर से क्षेत्र के पिछड़े हुए गांव को विकसित करने में अपना योगदान दे।
भाजपा नेता रामसाय मुण्डा ने बताया कि विवि के खुलने से रोजगार के अवसर में वृद्धि हुई है। काफी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिला तो स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ा है।
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