GA4-314340326 देश की सेवा करने वाला सैनिक, राज्य की सिस्टम से हारा, सैनिक की जमीन पर भूमाफियाओं ने किया कब्जा

देश की सेवा करने वाला सैनिक, राज्य की सिस्टम से हारा, सैनिक की जमीन पर भूमाफियाओं ने किया कब्जा

सैनिक की भूखंड 
अनिल कुमार चौधरी/namkom(ranchi) मैं सैनिक हूं लेकिन राज्य की सरकारी सिस्टम से हार गया, मेरा परिवार है असुरक्षित, मुख्यमंत्री की भी नही सुनते सिस्टम से जुड़े लोग( सैनिक की जुबानी सुनिए व्यथा कहानी) मैं नागेश्वर महतो सैनिक हूं और वर्तमान में लददाख में पोस्टेड हूं। देश के लोग शांति से सो सके, जीवन व्यतीत कर सके इसलिए मैं सीमा पर जागता हूं, क्योंकि मैं सैनिक हूं। मेरा परिवार भी है, देश की सुरक्षा के लिए परिवार की सुरक्षा राज्य की सिस्टम के सहारे छोड़ गया। लेकिन अब इसी सिस्टम ने मेरा जीना मुहाल कर दिया है। सिस्टम के लोग तो धमकी देते ही है असमाजिक तत्वों ने भी लगातार धमकी दे रहे है। देश की रक्षा करें या परिवार का। थक गया हूं सिस्टम से लड़ते लड़ते। कोई मदद नही करता। सिस्टम भी पैसेवालों की ही सुनता हूं। 

क्या है घटना..नागेश्वर महतो ने वर्ष 2012 में नामकुम अंचल के सामलोंग में सवा दो कटठा जमीन खरीदा। जमीन को दलाल मनीष राही के माध्यम से जमीन मालिक कासिम खान से खरीदा। उक्त भूखंड की रजिस्ट्री सैयद मोहम्मद कलीम ने की। भूखंड पर चहारदीवारी कर गेट लगाकर उसमें छोटा से घर बनाया। रांची नगर निगम से बकायदा बिजली, पानी का कनेक्शन लिया, नगर निगम को हाउस होल्डिंग टैक्स दिया जा रहा है। जमीन का म्युटेशन नागेश्वर महतो के नाम से है।

कई बार सैनिक की जमीन पर हो चुका है अवैध कब्जे का प्रयास
सैनिक नागेश्वर महतो
नागेश्वर के डयूटी पर जाते ही भूखंड पर होता है अवैध कब्जे का प्रयास नागेश्वर महतो के डयूटी पर जाते ही उक्त भूखंड पर असमाजिक तत्वों के द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जाता है। नागेश्वर महतो बताते है जून 2022 से मेरे उक्त भूखंड पर कई बार अवैध कब्जा करने का प्रयास किया। कथित लोगों ने जमीन के गेट, बाउंड्री वॉल तथा घर के एस्बेस्टस को तोड़ दिया। गेट तथा घर की मरमती के पश्चात सितंबर 2022 में डयूटी ज्वाइन किया। तो 4 नवंबर 2022 को मनीष राही, कासिम खान, सैयद मोहम्मद कलीम तथा अन्य असामाजिक तत्वों की मदद से मेरे जमीन के गेट में लगे पांच ताला को ग्राइंडर मशीन से काटकर अवैध कब्जे का प्रयास किया गया। बाद में मेरे स्वजनों के विरोध के कारण सभी भागे। 5 दिसंबर 2022 को फिर से उक्त लोगों ने गेट का ताला तथा घर में लगे पांच ताला को ग्राइंडर मशीन से काटकर जबरन मेरे घर में अवैध रूप से दाखिल हो गया। स्वजनों ने इसका विरोध किया तो जमीन को छोड़कर भागने व जान से मारने की धमकी दी। लगातार हो रही घटना के बाद मैंने 6 दिसंबर 2022 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर ज्ञापन सौंपा। तत्काल सीएम ने रांची डीसी को सैनिक को मदद करने को कहा। इस मामले की जानकारी नामकुम थाना सहित पुलिस के वरीय पदाधिकारियों को दी गई। कई बार व्यक्तिगत रूप से पुलिस अधिकारियों से मिला। लेकिन कही इंसाफ नही मिला। नामकुम थाना प्रभारी के द्वारा इंसाफ करने की बजाय मुझसे ही दुर्व्यवहार किया गया। कोई सुनवाई नही हुआ। इस बीच 25 जनवरी 2024 से मेरे भूखंड में उक्त लोगों ने जबरन अवैध निर्माण शुरू कर दिया। इसकी जानकारी नामकुम थाने को दी तो उसने कारवाई करने से इंकार कर दिया। उक्त् लोगों द्वारा मुझपर जमीन के स्वामित्व को लेकर कोर्ट में मामला भी दर्ज किया गया। जिसका फैसला मेरे पक्ष में आया है। बावजूद इसके सिस्टम इंसाफ नही कर रहा है। राज्य की इस भ्रष्ट सिस्टम से हार गया हूं। 

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