खेत में नवजात को बिलखता छोड़ गई निर्दयी मां, सर्द हवा ने ली बच्चें की जान

नवजात बच्चा
अनिल कुमार चौधरी/angara(ranchi)  निर्दयी मां को जरा भी अपने नवजात पुत्र पर दया नहीं आई। जिसे उसने कुछ घंटा पूर्व जन्म दिया उसे वह खुले आसमान के नीचे अरहर के खेत में मरने के लिए छोड़ आई। लेकिन बच्चे की किस्मत में भी नही था दुनिया को देखना, इसलिए भगवान ने वापस बुला लिया। ऐसा ही कुछ हुआ मासू मंझलाटोली में। यहां पर रेल लाइन किनारे के एक खेत में मंगलवार को एक अज्ञात कुंवारी मां ने पुत्र को जन्म देकर फरार हो गई। इधर ठंड लगने से इलाज के दौरान नवजात बच्चें की मौत हो गई। बताया जाता है कि मासू मंझलाटोली में रेलवे लाइन के किनारे खेत में कुछ घंटा पूर्व जन्मे बच्चें की कराहने की आवाज सुनकर हेसल के उपमुखिया दुर्गा महतो व पूर्व वार्ड सदस्य ममता देवी मौके पर पहुंची। ममता देवी ने अपनी ममता दिखाते हुए बच्चें को अपने शाल में लपेटकर इलाज के लिए सीएचसी अनगड़ा ले आई। साथ में उपमुखिया दुर्गा महतो भी थे। नंगे बदन खेत में पड़ा रहने के कारण नवजात को ठंड लग चुकी थी। लगातार सांस उखड़ रहा था। बच्चें की क्रिटिकल स्थिति को देखते हुए उसे रिम्स रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही अनगड़ा थाना प्रभारी दिलेश्वर कुमार भी सीएचसी अनगड़ा पहुंचे। वे भी बच्चें को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजने की व्यवस्था में लग गये। लेकिन रिम्स जाने के क्रम में रास्ते में ही नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया। 

पुत्र को जन्म देकर कुंवारी माता हो गई फरार

बच्चें को जन्म देकर कुंवारी माता मौके से फरार हो गई। चरवाहोंं ने बताया कि दोपहर दो बजे के समीप एक युवती शाल ओढ़कर उसी जगह पर बैठी थी। उसकी उम्र कम दिख रही थी। वह लगातार परेशान थी। संभावना है उसी अज्ञात युवती ने बच्चें को जन्म देकर मौके से फरार हो गई। घटनास्थल में खून भी गिरा हुआ था। 

नवजात को बचाने कई लोग आये सामने, लेकिन बचा नही पाये

अज्ञात नवजात बच्चा मिलने की सूचना मिलते ही कई लोग उसे बचाने के लिए आगे आये। एक दो लोग तो ऐसे भी मिले की खर्च की चिंता नही करे सिर्फ नवजात को बचाना है। लेकिन ठंड लगने के कारण नवजात की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। रिम्स ले जाने से पहले एक निजी अस्पताल में भी बच्चें को ले जाया गया। लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां से भी रिम्स रेफर कर दिया गया। 

क्या मजबूरी रही होगी इस नाबालिग माता की

उसने खेत पर जन्म देकर बच्चे को छोड़कर भाग निकली। समाज के किस दरिंदे ने नाबालिग को बहला फुसलाकर अपना शिकार बनाया और उसे अकेले इतना बड़ा कदम उठाने के लिए छोड़ दिया। इस नाबालिक ने 9 माह तक अपने कोख में अपने अंश को संभाले रखा। क्या घर में उसके किसी सदस्यों की इसकी जानकारी नहीं थी। वे नवजात को बचाने आगे क्यों नहीं आगे। आगे नहीं आने का कारण कुछ तो रही होगी। या फिर सामने वाला दरिंदा ने  उसके गरीबी का फायदा उठाया होगा। यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।



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