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सिलसिलेवार जानिए कैसे रची गई खौफनाक साजिश:
मई में हुई थी शादी, पहली पत्नी छोड़ चुकी थी: बुंडू थाना क्षेत्र के रेलाडीह (खुदुमधुकम) निवासी मिथुनजय महतो की कुछ महीने पहले ही राहे थाना क्षेत्र के पुरनाडीह निवासी फूरेन्द्र महतो की 22 वर्षीय पुत्री लखीमनी कुमारी से शादी हुई थी। यह मिथुनजय की दूसरी शादी थी। उसकी पहली पत्नी भी उसके घटिया चरित्र और हरकतों से तंग आकर उसे पहले ही छोड़ चुकी थी।
तीसरी के चक्कर में दूसरी को रास्ते से हटाने का प्लान: पुलिस पड़ताल और परिजनों के मुताबिक, मिथुनजय का किसी अन्य युवती के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। वह तीसरी शादी रचाना चाहता था, लेकिन आड़े आ रही दूसरी पत्नी लखीमनी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की उसने खौफनाक साजिश रच डाली। लगातार हो रही बारिश के कारण उफनती नदियां उसकी इस साजिश में मददगार बन रही थीं।
घूमने के बहाने चलाता रहा मौत का जाल: शनिवार को आरोपी पति ने अपनी 3 माह की गर्भवती पत्नी से सुहावने मौसम का हवाला देकर घूमने की बात कही। भोली-भाली लखीमनी पति की चाल समझ नहीं पाई और खुशी-खुशी तैयार हो गई। आरोपी ने उसे हुंडरूफाल, जोन्हाफाल और सीताफाल घुमाया। इस दौरान वह हर उस सुनसान पुल-पुलिया की तलाश में था जहाँ कम भीड़भाड़ हो, ताकि पत्नी को ठिकाने लगाया जा सके। मुख्य मार्ग और भीड़भाड़ के कारण उसे दिन में मौका नहीं मिला।
पेट दर्द का बहाना बना पुल से दिया धक्का: रात करीब साढ़े आठ बजे लौटते वक्त अनगड़ा के पैका जोड़ा पुल के पास आरोपी ने पेट दर्द का बहाना बनाकर बाइक रोकी। लखीमनी जैसे ही पुल के किनारे पानी की तेज धारा देखने लगी, दरिंदे पति ने पीछे से जोरदार धक्का देकर उसे राढ़ू नदी में गिरा दिया और मौके से फरार हो गया।
रातभर टापू पर कटी कसमसाती रात: नदी में पानी का तेज बहाव और चारों तरफ सन्नाटा। लखीमनी रातभर "बचाओ-बचाओ" चिल्लाती रही, लेकिन पानी के शोर और दूर-दूर तक घर न होने के कारण उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंची। वह बहते-बहते पानी के बीच एक टापू पर जा अटकी और ठंड से कांपते-कांपते सुबह तक बेहोश हो गई।
मसीहा बने ग्रामीण, पिता ने दर्ज कराई FIR रविवार की सुबह जब ग्रामीण मॉर्निंग वॉक के लिए निकले, तो उनकी नजर टापू पर पड़ी बेसुध लखीमनी पर गई। साहसी युवक दीपक महतो ने नदी में उतरकर उसका रेस्क्यू किया। ग्रामीण मंगरू महली ने आग जलाकर उसे गर्मी दी, जबकि जयनाथ महली ने उसे अपने घर के सूखे कपड़े पहनाए और नाश्ता कराया। समाजसेवी प्रदीप महतो की सूचना पर पहुंचे पिता फूरेन्द्र महतो बेटी को अपने साथ घर ले आए और अनगड़ा थाने में पति के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
"ईश्वर ने मेरी बेटी और उसके पेट में पल रहे मासूम को बचा लिया। आरोपी पति को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि वह दोबारा किसी की जिंदगी से न खेल सके।" — फूरेन्द्र महतो, पीड़िता के पिता
थाना प्रभारी बोले— अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम कुमार रजवार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पति मिथुनजय की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे षडयंत्र की और भी परतें खुलकर सामने आएंगी। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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