GA4-314340326 चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की आहट से झारखंड में प्रशासन हाई अलर्ट, स्कूल बंद, एडवाइजरी जारी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की आहट से झारखंड में प्रशासन हाई अलर्ट, स्कूल बंद, एडवाइजरी जारी

Jharkhand administration on high alert as cyclonic storm ‘Arnab’ approaches; schools closed, advisory issued.

रांची/सिमडेगा/सरायकेला-खरसावां/देवघर : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों को ऑरेंज जोन में चिन्हित किया है। 27 से 30 अक्टूबर के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आपदा से निबटने के लिए जिला प्रशासनों ने कमर कस ली है और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।

जानिए, जिलों में स्कूलों के बंद रहने की स्थिति 

रांची : 28 और 29 अक्टूबर को KG से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकारी स्कूलों में शिक्षक उपस्थित रहकर गैर-शैक्षणिक कार्य निबटाएंगे। पूर्व निर्धारित परीक्षाओं पर निजी विद्यालय प्रबंधन स्वयं निर्णय ले सकते हैं। 

सिमडेगा : 28 अक्टूबर को सभी कोटि के सरकारी व निजी विद्यालयों में KG से 12वीं की कक्षाएं बंद रहेंगी। |

सरायकेला-खरसावां : चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए 28 अक्टूबर को सभी श्रेणी के स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। |

 प्रशासनिक तैयारियां एवं उच्चस्तरीय बैठकें 

रांची में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में जिला आपदा समिति की बैठक हुई। इसमें आपदा प्रबंधन नोडल पदाधिकारी रामनारायण सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सरायकेला-खरसावां में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने निकायों, बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। निचले इलाकों, जल निकासी और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बिजली के टूटे तारों और खंभों की तुरंत मरम्मत के लिए विद्युत विभाग की टीमों को 24x7 अलर्ट पर रखा गया है। |

आम जनता के लिए सुरक्षा एडवायजरी 

अनावश्यक यात्रा न करें : 28 एवं 29 अक्टूबर को खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें। 

वज्रपात से बचाव : गर्जन के समय खुले मैदान, पेड़ों न बिजली के खंभों के पास न रहें। पक्के मकान में आश्रय लें। 

विद्युत सुरक्षा: टूटे बिजली के तारों या खंभों को न छुएं और न ही स्वयं मरम्मत का प्रयास करें। तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। 

जलभराव से दूरी : नदी-नालों, जलाशयों और जलजमाव वाले जोखिम भरे क्षेत्रों के पास जाने से बचें।

 📞 आपातकालीन हेल्पलाइन (Control Room Numbers) |

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण: 1070 





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