angara(ranchi) उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के ऑनलाइन स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी-डीईबी) से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वपूर्ण कदम से गुणवत्तापूर्ण और सुविधाजनक शिक्षा नौकरीपेशा लोगों, दूर-दराज के विद्यार्थियों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों तक आसानी से पहुंच सकेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में इस विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद नैक (एनएएसी) द्वारा 'ए' ग्रेड और 3.17 सीजीपीए प्राप्त हुआ था, जो उस समय झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय में सबसे उच्च स्कोर था। ये कोर्स हुए हैं स्वीकृत यूजीसी-डीईबी द्वारा स्वीकृत ऑनलाइन कार्यक्रमों में स्नातक स्तर पर बीबीए (ऑनर्स) और बीसीए (ऑनर्स) शामिल है, जो चार वर्षीय पाठ्यक्रम है तथा इनमें मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा दी गई है। वहीं, स्नातकोत्तर स्तर पर दो वर्षीय एमबीए (मानव संसाधन, वित्त और विपणन प्रबंधन) के साथ-साथ एमसीए पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिली है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 13 अक्तूबर 2026 निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल प्रभारी कुलपति ब्रिगेडियर (डॉ.) सुमेर वीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में 50 प्रतिशत ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (जीएआर) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रजिस्ट्रार डॉ. शिव प्रताप वर्मा और डीन एकेडमिक्स प्रो. बी.एन. सिन्हा ने बताया कि आधुनिक तकनीक आधारित ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को उनकी व्यक्तिगत व पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ उच्च शिक्षा जारी रखने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेंगे। वहीं, सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो. अरविंद हंस ने कहा कि छात्रों को उच्च कोटि की अध्ययन सामग्री और प्रभावी शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता होगी।
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