| धीरेंद्र कुमार, एसडीओ, गिरिडीह |
प्रशासन के अनुसार, जनता जागरूकता संघ वेलफेयर ट्रस्ट (बस स्टैंड रोड, नियर सीआरपीएफ कैंप, गिरिडीह) ने 23 अगस्त को इस यात्रा के आयोजन की अनुमति मांगी थी। आवेदन में 21 अगस्त को छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में शांतिपूर्ण ध्यानाकर्षण का उल्लेख था। साथ ही आवेदन में यह भी आशंका जताई गई थी कि एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर हमला किया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षा व शांति
SDO धीरेंद्र कुमार ने कहा कि आमजनों की सुरक्षा और क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। किसी भी ऐसी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जा सकती जिससे शांति-व्यवस्था भंग हो। प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए पुलिस व संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
भाजपा ने प्रशासन पर किया तीखा हमला
इस फैसले के बाद राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रशासनिक फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति करार दिया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज और मौलिक अधिकारों को दबाने का प्रयास है। विरोध स्वरूप विपक्ष ने सोमवार को पूरे झारखंड में राज्यव्यापी 'चक्का जाम' करने का ऐलान कर दिया है।
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